नई दिल्ली। अदालत ने दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत मानहानि मामले में भाजपा विधायक विजेन्द्र गुप्ता के खिलाफ समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा सभी साक्ष्यों व गवाहों के बयानों से प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि आरोपी गुप्ता ने जानबूझ कर शिकायतकर्ता की मानहानि की है। उन पर मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं।
राउज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी रविन्द्र कुमार पांडेय ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता व गवाहों के बयानों को देखने से स्पष्ट है कि विजेन्द्र गुप्ता ने धारा 499, 500 व 501 के तहत अपराध किया है। उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। अदालत ने समन जारी कर विजेंद्र गुप्ता को 16 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया है।
अदालत ने यह निर्देश कैलाश गहलोत द्वारा विजेन्द्र गुप्ता के खिलाफ दायर मानहानि मुकदमे पर दिया है। याची गहलोत ने आरोप लगाया कि विजेन्द्र गुप्ता ने बदनियती, राजनीतिक फायदा पाने व उनकी प्रतिष्ठा खराब करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा डीटीसी के लिए 1500 बसों की खरीद को लेकर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया।
गुप्ता ने अपने ट्विटर, फेसबुक पर बदनियती से आरोप लगाए। इतना ही नहीं गुप्ता ने घोटाले के लिए व्यक्तिगत रुप से उनका नाम भी लिया। हालांकि आरोपों को लेकर उपराज्यपाल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया लेकिन कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के घोटाले से इनकार किया है।
याची ने कहा कि इस रिपोर्ट के आने के बावजूद आरोपों से स्पष्ट है कि गुप्ता मात्र राजनीतिक फायदे के लिए उनकी प्रतिष्ठा खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा समाज में उनका नाम है। वे दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करते रहे हैं और बार एसोसिएशन कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे हैं। इसके अलावा उनकी वकील व राजनेता के रूप में छवि साफ रही है।
उन्होंने कहा गुप्ता द्वारा लगाए गए आरोपों से समाज में उनका नाम व प्रतिष्ठा खराब हुई है और गुप्ता ने आम लोगों की नजर में यह साबित करने का प्रयास किया है कि वे एक भ्रष्ट नेता हैं।
याची ने कहा कि यह बसें आम लोगों की सुविधा के लिए खरीदी जा रही हैं। गुप्ता को पता है कि जनता में सरकार व उनकी प्रतिष्ठा साफ है और बसें आने से उनको नुकसान होगा। ऐसे में वे एक षड्यंत्र के तहत प्रतिष्ठा खराब करने में लगे हैं। ऐसे में गुप्ता के खिलाफ आपराधिक मानहानि के तहत मुकदमा चलाकर दंडित किया जाए।