फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छंटाई से पेड़ों को मिल सकती है संजीवनी: पर्यावरण विशेषज्ञों ने जताई चिंता, बोले- घने पेड़ को बचाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से छंटाई जरूरी

Thu, 02 Jun 2022 05:40 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि एक घने पेड़ को बचाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से छंटाई बहुत जरूरी है। वृक्ष ऊपर से जितना घना होगा, उतना ही आंधी-तूफान के संपर्क में आने पर गिरने की आशंका ज्यादा होती है।
विज्ञापन
mango tree - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली में सोमवार को आई आंधी में 1300 से ज्यादा पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। भविष्य में इन प्राकृतिक घटनाओं से वृक्षों को बचाने के लिए पर्यावरण विशेषज्ञ बताते हैं, वैज्ञानिक तरीके से छटाई, पेड़ों के आस-पास के कंक्रीट हटाने व कीटनाशकों के छिड़काव से बड़े वृक्षों को बचाया जा सकता है। 

विज्ञापन


पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि एक घने पेड़ को बचाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से छंटाई बहुत जरूरी है। वृक्ष ऊपर से जितना घना होगा, उतना ही आंधी-तूफान के संपर्क में आने पर गिरने की आशंका ज्यादा होती है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के जैव विविधता पार्क के प्रभारी व वरिष्ठ पर्यावरणविद् प्रो. सीआर बाबू कहते हैं, दिल्ली में यदि पेड़ों को बचाना है तो इसके लिए कई उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है। 

इन उपायों में वैज्ञानिक तरीके से छंटाई, वृक्षों के आस-पास से कंक्रीट को हटाने व कीटनाशकों का छिड़काव बहुत जरूरी है। यदि समय-समय पर हर पेड़ का प्रबंधन सही समय से होता रहे तो इस तरह की नौबत ही नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी पेड़ ऊपर से जितना घना होगा, वह आंधी-तूफान नहीं झेल पाएगा। क्योंकि, दिल्ली के शहरी इलाकों में कुछ जगहों पर पेड़ों की जड़े अधिक गहराई तक नहीं हैं, वहीं, ऊपरी हिस्से में पेड़ों की ऊंचाई काफी है। ऐसे में तेज रफ्तार से हवाएं चलने पर पेड़ या तो जड़ समेत उखड़ जाते हैं या फिर टूट जाते हैं। प्रोफेसर के मुताबिक, वैज्ञानिक तरीके से छंटाई के दौरान यह पता होना चाहिए कि किस पेड़ की कौन से डाली को हटाने की जरूरत है। इसके लिए सही प्रबंधन की आवश्यकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें