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अभिभावकों की लिखित सहमति पर ही बच्चों को स्कूल बुलाने की अनुमति

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नई दिल्ली। राजधानी में कोरोना महामारी के कारण अप्रैल 2021 के प्रथम सप्ताह में बंद हुए स्कूल दसवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए सोमवार को खुल गए। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों को दाखिले, काउंसलिंग और प्रैक्टिकल गतिविधियों के लिए स्कूल बुलाने की अनुमति दी गई है।
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हालांकि स्कूल अभिभावकों की लिखित सहमति से ही बच्चों को स्कूल बुला सकते हैं। शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को इस संबंध में एसओपी जारी कर दी। बच्चों को बुलाने के लिए इन एसओपी का स्कूलों को पालन करना होगा।
कोरोना महामारी के कारण स्कूल मार्च 2020 से बंद हैं। जनवरी 2021 में दसवीं बारहवीं के लिए और फरवरी में नौवीं व ग्यारहवीं के बच्चों के लिए स्कूल खोले गए थे। अब दूसरे राज्यों में स्कूल खुलने के बाद अब दिल्ली में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में बच्चों को बुलाने की अनुमति दी गई है।
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किसी स्वास्थ्य सेवा संबंधित मामले के लिए स्कूल जाने पर बच्चों को अपने अभिभावकों के साथ जाना होगा। ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। जो अपनी प्रैक्टिकल कक्षाएं ऑनलाइन जारी रखना चाहते हैं उन्हें इसकी मंजूरी होगी।
स्कूलों में पहले से चल रही स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। इनके लिए हर आयु वर्ग के बच्चों को अभिभावकों के साथ जाना होगा। क्लासरूम और लैब की क्षमता के हिसाब से स्कूल प्रमुखों को कोविड-19 प्रोटोकॉल के हिसाब से शेड्यूल बनाना होगा। इस दौरान सामाजिक दूरी का पालन करना व मास्क लगाना अनिवार्य है।
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स्कूल प्रमुखों को सुुनिश्चित करना होगा सभी शिक्षकों व कर्मचारियों का वैक्सीनेशन हो। इस संबंध में निदेशालय ने बीते माह भी दिशा-निर्देश जारी किए थे।
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