दिल्ली में स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस (एसओएसई) के पहले बैच की कक्षाएं 27 सितंबर से शुरू हो गईं। पहले बैच में 2200 बच्चे शामिल हैं। सोमवार को उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने घोषणा की है कि अब हर 27 सितंबर को एसओएसई का स्थापना दिवस माना जाएगा। कालकाजी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 20 एसओएसई के छात्रों व उनके अभिभावकों से बात की। वह इस कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े। इस साल इन स्कूलों ने साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ (स्टैम), मानविकी, परफर्मिंग एंड विजुअल आट्र्स और हाई-एंड 21 सेंचुरी स्कील के क्षेत्र में दाखिला लिया है।
बच्चों व अभिभावकों से बातचीत करते हुए सिसोदिया ने कहा कि आज हम शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर की शिक्षा व्यवस्था में विशेष शिक्षा की आवश्यकता महसूस हो रही है इस कारण से ही एसओएसई की शुरूआत की गई है। यह एसओएसई न सिर्फ हमारे देश में बल्कि पूरी दुनिया में उत्कृष्टता का नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
इस दौरान अलग अलग एसओएसई के छात्रों ने इन स्कूलों में दाखिला लेने और अपने सपनों को साझा किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यह नहीं पूछना चाहिए कि उनके बच्चे क्या करेंगे, बल्कि ये पूछें कि वे क्या बनेंगे। सिसोदिया ने कहा कि हम छात्रों में एक अलग रचनात्मक सोच विकसित करना चाहते हैं। किसी छात्र की सफलता के लिए केवल परीक्षा के मार्क्स ही मापदंड नहीं होने चाहिए। इस मौके पर कालकाजी विधायक आतिशी, शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश, शिक्षा निदेशक के प्रधान सलाहकार शैलेंद्र शर्मा समेत तमाम शिक्षा अधिकारी समेत अन्य लोग मौजूद थे।