फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राउज एवेन्यू कोर्ट: सीबीआई को लगाई फटकार, 'विजय नायर और कारोबारी अभिषेक के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं', मिली जमानत

Wed, 16 Nov 2022 08:33 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

अदालत ने कहा, जो साक्ष्य एकत्र किए गए हैं वे गवाहों के बयानों के रूप में सभी मौखिक साक्ष्य हैं। विजय नायर के खिलाफ अदालत के सामने पेश किए गए आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कोई दस्तावेज सबूत नहीं हैं। इसके तहत वह आरोपी नहीं पाए जाते।
 
विज्ञापन
आप नेता विजय नायर को मिली जमानत - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राउज एवेन्यू अदालत ने आबकारी नीति मामले में आप के संचार प्रभारी विजय नायर और व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए जांच एजेंसी को फटकार लगाई है। अदालत ने कहा, जांच एजेंसी दोनों के खिलाफ कोई भी साक्ष्य पेश करने में फेल रही है और गिरफ्तारी मात्र मौखिक बयानों के आधार पर की गई है। अदालत ने दोनों की जमानत स्वीकार करते हुए उक्त टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है।

विज्ञापन

 

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने अपने 30 पृष्ठों के फैसले में सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने आप नेता विजय नायर को जमानत देते हुए जांच एजेंसियों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि विजय नायर के खिलाफ कोई भी दस्तावेज और पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए गए। ऐसे में नायर की नजरबंदी को सही नहीं ठहराया जा सकता।

 

अदालत ने कहा, जो साक्ष्य एकत्र किए गए हैं वे गवाहों के बयानों के रूप में सभी मौखिक साक्ष्य हैं। विजय नायर के खिलाफ अदालत के सामने पेश किए गए आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कोई दस्तावेज सबूत नहीं हैं। इसके तहत वह आरोपी नहीं पाए जाते। अदालत ने कहा इतनी बड़ी मात्रा में धन के कथित ट्रांसमिशन को दिखाने के लिए कोई अन्य सबूत नहीं दिया है। ऐसे में विजय नायर की कस्टडी को कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता।
 
विज्ञापन

सीबीआई के तर्क खारिज
अदालत ने सीबीआई के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि वह न तो फ्लाइट से विदेश जाने वाले हैं और न ही जमानत पर रिहा होने के बाद मामले की सुनवाई से फरार होने की संभावना है। इसके अलावा विजय नायर द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने के मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जताई जा रही आशंकाएं भी स्पष्ट रूप से आधारहीन हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें