मेले में पहली बार वाराणसी की हैंड मेड पश्मीना शॉल, हैंड मेड पेपर, जैकेट और शर्ट आए हैं, जो लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। युवाओं को हर एक सामान पर 20 फीसदी की छूट दी जा रही है। खादी पवेलियन नए रंग रूप और बड़े स्वरूप में नजर आ रहा है। पिछले साल ट्रेड फेयर में जहां खादी के करीब 50 स्टॉल लगे थे। पवेलियन को एक कोने में जगह मिली थी। वहीं इस बार नए हॉल-5 में यह सबसे बड़े पवेलियन में से एक है। करीब 2500 वर्ग मीटर के पवेलियन में 250 स्टॉल हैं। इनमें हर एक प्रांत के स्टॉल शामिल हैं। बापू और चरखे वाला सेल्फी प्वाइंट भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। इस बार यहां दस लाख सेल्फी कराने का खादी का लक्ष्य है।
शहद की 12 से ज्यादा वेरायटी
मेले में खादी की दर्जनभर से अधिक शहद की वैरायटी उपलब्ध हैं। मनोज कुमार ने बताया कि खादी का शहद स्वीट क्रांति बनकर उभरी है। अपनी शुद्धता के कारण इसकी रिकार्ड तोड़ बिक्री हो रही है। इसके लिए खादी आदिवासी इलाकों में मधु उत्पाद लगाने के लिए सहयोग कर रहा है। दो दिन पहले उन्होंने खुद तमिलनाडु के धरमपुरी में 11 आदिवासी गांवों में जाकर मधुमक्खी पालन के लिए 800 बक्से लगवाए हैं।
धागा और कपड़ा तैयार करने का दे रहे डेमो
पवेलियन में वाराणसी के कारीगर पश्मीना धागा और कपड़ा बनाने की तकनीक सिखा रहे। अभय श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पास सफेद व चॉकलेटी दो रंग की पश्मीना शॉल व कुर्ते हैं। इनकी कीमत 12500 रुपये है। यह सर्दी में गर्म और गर्मी में ठंडक का एहसास कराते हैं। इनके पास हैंड मेड कुर्ता, पायजामा, कुर्ती, साड़ी भी है। काशी हस्तकला प्रतिष्ठान की ओर से ककून से धागा बनाने की तकनीक सिखाई जा रही है। संदीप सिंह ने बताया कि खादी में ककून रेशम की मांग ज्यादा है। ककून रेशम के कुर्ते पायजामें 2500-3000 रुपये में मिल रहे हैं।
सबसे ज्यादा तेजी से बिकने वाला ब्रांड बना खादी : मनोज कुमार
खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि खादी दुनिया का सबसे बड़ा और तेजी से बिकने वाला ब्रांड बन गया है। पहली बार दिवाली के मौके पर खादी ने हफ्ते भर में 3 करोड 28 लाख की बिक्री की है। पिछले साल 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये की बिक्री कर सबसे बड़ा एफएमसीजी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण खादी का जीवंत स्वरूप निकलकर आया है। वह खुद इसकी ब्रांडिंग करते हैं। हम जिस पांच ट्रिलियन इकोनॉमी की बात करते हैं, उसमें खादी अहम भूमिका निभाएगा। सरकार नए आंत्रप्रेन्योर को 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख तक का लोन दे रही है। खादी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 1237 करोड़ का मुनाफा कमाया है।