नई दिल्ली। यूरोपीय देशों की तरह पहली बार राजधानी में अब रोबोट आग बुझाएंगे। केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के दमकल विभाग के बेड़े में दो फायर फाइटर रोबोट शामिल किए हैं। इनकी मदद से आग बुझाने वाला दिल्ली देश का संभवत: पहला राज्य बन गया है। रिमोट से नियंत्रित होने वाला यह आग से लड़ने वाला रोबोट दिल्ली की तंग गलियों, गोदाम, बेसमेंट, जंगल की आग, फोर्सेबल एंट्री प्वाइंट, अंडरग्राउंड या मानव जीवन के खतरे वाले इलाकों, तेल व केमिकल टैंकर, फैक्ट्री जैसी जगहों पर आसानी से पहुंच जाएगा और सीढ़ियों पर चढ़कर व शीशे तोड़कर आग बुझाने में सक्षम होगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उनकी सरकार ने रिमोट कंट्रोल्ड फायर फाइटिंग मशीनें खरीदी हैं। अब हमारा बहादुर फायरमैन 100 मीटर की दूरी से आग से लड़ सकता है। यह क्षति को कम करेगा और अमूल्य जीवन को बचाने में मदद करेगा। दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया है कि शायद देश में पहली बार दिल्ली में ऐसे रिमोट कंट्रोल रोबोट लाए गए हैं, जो आग पर दूर से काबू पाने में सक्षम होंगे। फिलहाल केजरीवाल सरकार ने अभी दो रोबोट मंगाएं हैं। इनका ट्रायल सफल होने पर ऐसे और भी रोबोट मंगाए जाएंगे।
गृहमंत्री ने कहा है कि रिमोट से चलने वाला रोबोट आग से लड़ने वाले जांबाजों के लिए संकट मोचक साबित होंगे। इनके आने के बाद दमकल विभाग के कर्मचारियों को अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी। यही नहीं, ये रोबोट ऊंचे दबाव के माध्यम से 2400 लीटर प्रति मिनट की दर से पानी का प्रेशर भी छोड़ते हैं। स्प्रे और साधारण पानी की धार, दोनों इस रोबोट से जुड़े वायर लेस रिमोट के माध्यम से काम कर सकते हैं, यानी कि जिन जगहों पर पानी से आग नियंत्रित नहीं होती, वहां रोबोट के अंदर से निकलने वाले केमिकल और उससे निकलने वाले झाग आग पर नियंत्रण करेंगे।
आग, धुएं और गर्मी का नहीं होगा असर
यह रोबोट ऐसे मैटेरियल से बना है, जिस पर आग, धुएं, गर्मी या किसी भी अन्य बाहरी विषय परिस्थिति का कोई असर नहीं पड़ता है। इसके निचले हिस्से में सेना के टैंकों की तरह टायरों के ऊपर क्रॉलर बेल्ट (ट्रैक) लगी होती हैं, जिसकी मदद से यह किसी भी जगह पर आसानी से जा सकता है। इसमें वेंटिलेशन फैन भी है, जिससे मशीन को ठंडा रखने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह करीब 100 मीटर का इलाका एक साथ कवर कर सकता है और तुरंत आग पर काबू पाने में सक्षम है, जहां आग बुझाने के लिए खुद दमकलकर्मियों को जान हथेली पर रखकर आग में झुलसना पड़ता था, अब उनका यह काम फायर फाइटर रोबोट करेंगे और वे सुरक्षित रहेंगे।
360 डिग्री पर घूमने की क्षमता
दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने बताया कि दमकल में लगे पानी के पाइप रोबोट में फिट हो जाते हैं। रिमोट से इसे आग वाली जगह की तरफ भेजा जाता है। इमारत में आग के धुएं को रोबोट अपने वेंटिलेटर सिस्टम से बाहर निकालता है। रोबोट एक मिनट में 2400 लीटर पानी छिड़कता है। इनमें लगा स्प्रे पानी को छोटी बूंदों में बांटकर 100 मीटर दूर तक फेंकता है। इस रोबोट को दमकल की गाड़ियों के साथ जोड़ के प्रभावित क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया जाता है। इसमें 60 लीटर का डीजल फ्यूल टैंक लगा है। खास बात यह है कि ये रोबोट 360 डिग्री पर घूम जाते हैं, इससे तंग गलियों में इसे ऑपरेट किया जा सकता है।
फायर कर्मियों को दी स्पेशल ट्रेनिंग
सत्येंद्र जैन ने बताया कि रोबोट को चलाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग भी दिलाई गई है। एक अलग एसओपी भी बनाई गई है, जिसका पालन करते हुए आग पर काबू पाने के लिए किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से यह बताया गया है कि इसका इस्तेमाल कब, कैसे और किस तरह की घटनाओं के दौरान करना है। इस रोबोट में एक हाई रिजोल्यूशन कैमरा भी लगा हुआ है, जो आग, धुएं और पानी के बावजूद साफ तस्वीरें दिखाने में सक्षम है।
ऑस्ट्रिया से खरीदा
जैन ने बताया कि भीषण गर्मी के दिनों में अक्सर आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं, जिसमें अब यह रोबोट मददगार साबित होने वाले हैं। इन्हें ऑस्ट्रिया की एक कंपनी से खरीदा गया है। कुछ माह पहले टीकरी कलां के पीवीसी मार्केट में लगी आग को बुझाने के लिए पहली बार विदेश से मंगाए गए एक रोबोट की मदद ली गई थी। आग को बुझाने के लिए दमकलकर्मी दो घंटे से मशक्कत कर रहे थे। उस पर रोबोट ने महज आधे घंटे में ही काबू पा लिया।
रोबोटिक फायर फाइटिंग मशीन की खूबियां
1. यह रोबोट 300 मीटर की दूरी से रिमोट के जरिए संचालित किया जा सकता है। आग, धुआं, गर्मी या किसी भी अन्य विषम परिस्थिति का असर नहीं होगा।
2. रिमोट कंट्रोल के जरिए इसे आगजनी वाले इलाके में अंदर भेजा जा सकेगा।
3. इसमें सेना के टैंकों की तरह ट्रैक सिस्टम लगा हुआ है, जिसके जरिए यह रोबोट सीढ़ियों पर भी आसानी से चल सकता है।
4. ऊंची इमारतों, फैक्ट्रियों, अंडर ग्राउंड जगहों पर आग बुझाने में इस रोबोट का इस्तेमाल आसानी से किया जा सकेगा।
5. इसमे 140 हॉर्स पावर का इंजन लगा हुआ है। पानी बौछार के लिए कई नोजल लगे हैं। इसमें जरूरत के हिसाब से बदलाव किया जा सकता है।
6. यह रोबोट चार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकता है।
7. रोबोट के आगे वाले हिस्से में सेंसर और कैमरा लगा है। सेंसर आग के नजदीक जाकर वहां के तापमान के मुताबिक अलग-अलग तरह से पानी के फव्वारे छोड़ेगा। अंदर की स्थिति का जायजा ले सकते हैं।
8. रोबोट के आगे के हिस्से में विभिन्न प्रकार के उपकरण भी लगाए जा सकते हैं। इसकी मदद से यह खिड़की अथवा दरवाजे को तोड़कर अंदर तक आग बुझा सकता है।
9. रोबोट के पिछले हिस्से में पाइप जुड़ा होगा, जिससे यह बाहर खड़े टैंकरों से पानी को खींचकर अंदर चारों तरफ पानी की बौछार कर सकेगा। इससे कम समय में बिना किसी जोखिम के आग पर काबू पाया जा सकेगा।