शनिवार सुबह सुरेंद्र कुमार यादव हंसी-खुशी घर से निकला था। शास्त्री पार्क ऑटो स्टैंड पर भी वह साथियों से मजाक कर रहा था। कुछ ही देर बाद सुरेंद्र की मौत की खबर परिजनों को मिली। घर में एक साथ दो मौतों ने पूरे परिवार को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। हादसे में सुरेंद्र के भतीजे जय किशोर यादव की भी मौत हो गई। दोनों के परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है।
दूसरी ओर फिरोजाबाद से मामा के साथ दिल्ली घूमने आए टाटा प्रकाश तो शायद मौत ही यहां खींचकर ला रही थी। हादसे में टाटा और उसके मामा कोमल सिंह दोनों की मौत हुई। उनके परिवार में भी मातम छाया हुआ है। दो साल पूर्व ही टाटा के पिता भंवर सिंह ने पंजाब में आत्महत्या कर ली थी। परिवार अभी उस सदमे से भी नहीं उभरा था कि अब दूसरा हादसा हो गया।
सुरेंद्र कुमार के भतीजे दीपक ने बताया कि उसके चाचा पिछले करीब 25 साल से दिल्ली के शास्त्री पार्क में रहकर ऑटो चला रहे हैं। सुरेंद्र के तीन अन्य भाई हैं। परिवार में पत्नी मालती देवी के अलावा चार बच्चे खुशबू कुमारी, चंदा कुमारी, अविनाश और गिरीराज कुमार (4) हैं। दो माह पूर्व सुरेंद्र ने कर्ज लेकर हरियाणा के एक अस्पताल में अपने बेटे गिरिराज के दिल का ऑपरेशन करवाया था।
वहीं दूसरी ओर सुरेंद्र का भतीजा भी जय किशोर के बराबर में अपने परिवार के साथ रहता था। इसके परिवार में पत्नी निर्मला देवी के अलवा दो बच्चे अंश यादव व नव्या यादव हैं। जय किशोर इलाके में ही पर्स बनाने की फैक्टरी चलाता था। शनिवार को वह अपने चाचा के साथ फैक्टरी का माल लेने के लिए निकला था। चाचा ने सवारी छोड़ने के बाद उसे सदर बाजार मार्केट छोड़ने की बात की थी।