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दिल्ली: प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों का रिजल्ट एग्जाम की बजाय मूल्यांकन से हो तैयार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री को दिया ज्ञापन 

Wed, 14 Jul 2021 07:50 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

इंडिया वाइड पेरेंट्स एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट में छात्रों की ओर से याचिका दायर करने वाले एडवोकेट अनुभा सहाय श्रीवास्तव समेत सीबीएसई बोर्ड के प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और सीबीएसई बोर्ड प्रबंधन को पत्र लिखा है। 
 
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सीबीएसई के बोर्ड परीक्षाओं के प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों ने सरकार को पत्र लिखकर उनका रिजल्ट भी मूल्यांकन से जारी करने की मांग रखी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र और लिखित मांग पत्र दिया है। इसमें लिखा है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा न करवाने का फैसला लिया है तो फिर यह राहत उन्हें क्यों नहीं मिल रही है। 

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जबकि एनओआईएस (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग) ने भी अपने नियमित और ऑन डिमांड वाले हमारे जैसे छात्रों को राहत दी है। इसलिए हमें भी अन्य बोर्ड परीक्षाओं के छात्रों की तर्ज पर परीक्षा से छूट देते हुए मूल्यांकन से रिजल्ट जारी किया जाए। इंडिया वाइड पेरेंट्स एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट में छात्रों की ओर से याचिका दायर करने वाले एडवोकेट अनुभा सहाय श्रीवास्तव समेत सीबीएसई बोर्ड के प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और सीबीएसई बोर्ड प्रबंधन को पत्र लिखा है। 

इसमें छात्रों ने लिखा है कि सरकार एक ओर छात्रों को शिक्षा से जोड़ने की बात करती है। लेकिन नियमित और प्राइवेट छात्रों के साथ भेदभाव किया जाता है। प्रधानमंत्री के एक जून की घोषणा के बाद सीबीएसई बोर्ड, सीआईएससीई बोर्ड, नेशनल ओपन स्कूल बोर्ड (एनआईओएस) समेत विभिन्न राज्य शिक्षा बोर्ड ने भी परीक्षा की बजाय मूल्यांकन से रिजल्ट जारी कर रहे हैं। कोरोना के चलते सभी बोर्ड परीक्षाओं के छात्रों को तो राहत मिल गई। लेकिन सीबीएसई बोर्ड के प्राइवेट परीक्षा देने वाले इन कक्षाओं के छात्रों को राहत नहीं मिली है।
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एनआईओएस वाले विकल्प से तैयार करें रिजल्ट
अनुभा सहाय कहती हैं कि सीबीएसई बोर्ड का सुप्रीम कोर्ट में तर्क था कि प्राइवेट वाले छात्रों का हमारे पास मूल्यांकन के लिए रिकार्ड नहीं हैं। जबकि एनआईओएस में भी ऐसी ही दिक्कत थी। लेकिन उन्होंने भी मूल्यांकन के लिए विकल्प तैयार किया। यही विकल्प सीबीएसई बोर्ड भी अपनाकर छात्रों को राहत दे सकता है।

तीन दिन से सोशल मीडिया पर अभियान जारी
सीबीएसई बोर्ड के इन बोर्ड परीक्षाओं के प्राइवेट छात्रों ने ट्विटर पर हेल्प सीबीएसई प्राइवेट स्कूल नाम से हैशटैग अभियान चला रखा है। इसमें हजारों की संख्या में शिक्षक समुदाय जुड़ गया है। सभी छात्रों को अन्य विकल्प से परीक्षा देने की मांग कर रहे हैं।

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