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गणतंत्र दिवस समारोह : इस बार परेड स्थल पर हर चेहरे की होगी पहचान, चप्पे-चप्पे पर नजर

Wed, 26 Jan 2022 03:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

33 प्रवेश द्वारों पर लगाया गया है फेस रिकग्निशन सिस्टम। आतंकी वारदात रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त।
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गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियां पूरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गणतंत्र दिवस की परेड को लेकर सुरक्षा के मजबूत बंदोबस्त किए गए हैं। इस बार परेड स्थल के लिए 33 प्रवेश द्वार हैं और सभी पर फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) लगाया गया है। शायद पहली बार इतना इंतजाम किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से आतंकी गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी। वहीं, परेड रूट व राजपथ लॉन को बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) भी लगातार चेक कर रहे हैं।

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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार आतंकी हमले के गंभीर इनपुट हैं। इस तरह के इनपुट पहले कभी नहीं मिले हैं। इसे देखते हुए परेड की सुरक्षा व्यवस्था को फुल प्रूफ बनाया गया है। एफआरएस सिस्टम का कंट्रोल रूम वोट क्लब पुलिस चौकी में बनाया गया है। एक सिस्टम की जिम्मेदारी एक जवान को दी गई है। यानी, 33 जवान चेहरे पर नजर रखेंगे। जैसे ही कोई आतंकी या शरारती तत्व परेड स्थल के अंदर घुसने का प्रयास करेगा तो सिस्टम पर रेड अलर्ट आ जाएगा। 

वहीं, दिल्ली पुलिस के जवान को भी उसके सिस्टम पर रेड अलर्ट मिलेगा। जवान वायरलैस सैट से मैसेज कर फला द्वार पर तैनात कमांडो, पुलिस जवान व अर्द्धसैनिक बल को सूचना देगा। मौके पर मौजूद कमांडों व पुलिसकर्मी तुरंत आरोपी को दबोच लेंगे। एफआरएस सिस्टम में 200 से ज्यादा वांछित आतंकियों की फोटो को फीड किया गया है। आतंकी अगर परेड के अंदर घुसेगा तो सिस्टम में फीड चेहरे से मिलान होते ही रेड अलर्ट आ जाएगा। 

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