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दिल्ली: टैक्सी, बस यूनियनों के प्रतिनिधि आज करेंगे भूख हड़ताल, लंबित मांगों पर सुनवाई में देरी से हैं खफा

Tue, 21 Dec 2021 01:08 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली टैक्सी, टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने मांग की है कि कोरोना महामारी के दौरान दिल्लीवासियों की वैधता दो साल के लिए बढ़ाने, दिल्ली में डीजल पर वैट की दरें कम करने और हर साल जीपीएस के नाम पर ली जा रही फीस बंद करने की मांग की है।
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भूख हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लंबे समय से लंबित मांगों पर सुनवाई में देरी के विरोध में मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इस मौके पर दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टस एसोसिएशन और सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली के प्रतिनिधि दिल्ली सरकार के रवैये के खिलाफ रोष जताएंगे। टैक्सी और बस मालिकों की तरफ से की जा रही मांगों पर सुनवाई न होने पर टैक्सी, बस मालिकों सहित ओला उबेर (कैब) संचालक भी विरोध जताएंगे। 

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सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के कमलजीत सिंह गिल ने बताया कि उनकी मांगों पर लंबे समय से सुनवाई नहीं हुई है। इसमें ओला उबर में टैक्सी का किराया दिल्ली सरकार की ओर से तय करने, पैनिक  बटन की अनिवार्यता खत्म क रने, स्पीड गर्वनर की चेकिंग के नाम पर 2500 रुपये न लेने, आल इंडिया टूरिस्ट परमिट की डीजल टैक्सी की वैधता 10 साल बढ़ाने, दिल्ली मे कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस, टेम्पो ट्रैवेलर की वैधता दो साल बढ़ाने सहित दूसरी मांगे शामिल हैं। 

दिल्ली में डीजल की बीएस-6 टैक्सी, बसों का रजिस्ट्रेशन शुरू करने सहित स्पीड गवर्नर और पैनिक बटन घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग शामिल है। दिल्ली टैक्सी, टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने मांग की है कि कोरोना महामारी के दौरान दिल्लीवासियों की वैधता दो साल के लिए बढ़ाने, दिल्ली में डीजल पर वैट की दरें कम करने और हर साल जीपीएस के नाम पर ली जा रही फीस बंद करने की मांग शामिल है। 
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ट्रांसपोर्टर कारोबारियों को मिलेगी राहत
ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी हटाने पर दिल्ली ट्रांसपोर्ट आर्गनाइजेशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे ट्रक मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। किसान आंदोलन के समाप्त होने के बाद ट्रकों पर पाबंदी हटाने से कारोबारियों को राहत मिलेगी। कोरोना काल में पहले ही ट्रांसपोर्टरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस दौरान वित्तीय नुकसान का भी सामना करना पड़ा, लेकिन अब राहत मिलने की उम्मीद है। 

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