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‘हिंदुओं की प्रतिबद्धता से हुआ राम मंदिर आंदोलन’

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नई दिल्ली। राम मंदिर का आंदोलन किसी प्रतिक्रिया के कारण नहीं हुआ, बल्कि हिंदुओं की प्रतिबद्धता के कारण हुआ। हमारा सपना है समरस समाज। हमारी सहिष्णुता हमारी कायरता के कारण नहीं, अपितु हमारे पुरुषार्थ और वीरता के कारण है। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने रविवार को कहीं। मौका था कंस्टीट्यूशन क्लब में ‘सब के राम’ पुस्तक के विमोचन का। देशव्यापी श्रीराम जन्मभूमि निधि समर्पण अभियान के अनुभव कथनों को इस पुस्तक में समाहित किया गया है।
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इस मौके पर अरुण कुमार ने यह भी कहा कि निधि समर्पण का अभियान अभूतपूर्व था। देशभर के अभियानकर्ताओं के अनुभव बहुत ही प्रेरणा दायक रहे, जिनका संकलन ‘सब के राम’ पुस्तक है। जो लोग कहते रहे हैं कि हिंदुत्व का भाव खत्म हो रहा है, उनके लिए निधि समर्पण का ज्वार उत्तर है। श्री राम जन्मभूमि का आंदोलन हिंदू समाज का आत्म साक्षात्कार है, वह अपनी ताकत जान चुका है।
राम मंदिर से राम राज्य की यात्रा प्रारंभ हुई : डॉ. जैन
पुस्तक विमोचन समारोह के मौके पर विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि श्री राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होते ही भारत का नवोत्थान प्रारंभ हो गया। राम मंदिर से राम राज्य की यात्रा प्रारंभ हो गई। मंदिर निर्माण पूरा होते ही भारत का भाग्योदय प्रारंभ होगा। भारत विश्व गुरु बनेगा। 1947 में हमें राजनीतिक आजादी मिली थी, लेकिन राममंदिर आंदोलन से हमें धार्मिक और सांस्कृतिक आजादी मिली। इस आंदोलन में 13 करोड़ रामभक्तों की सहभागिता रही। यह आजादी के आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन बन गया। कार्यक्रम में विहिप दिल्ली के अध्यक्ष कपिल खन्ना, राष्ट्रीय प्रवक्ता व केंद्रीय प्रचार प्रसार प्रमुख विजय शंकर तिवारी, प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता, पुस्तक के सह-लेखक राजीव गुप्ता व प्रकाशक प्रभात कुमार सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी व रामभक्त उपस्थित थे।
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