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Delhi News: यमुना वनस्थली में आर्टिजंस ईको लैब बनाने की तैयारी

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डीडीए ने डिजाइन, डेवलपमेंट और संचालन के लिए मांगे प्रस्ताव
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
डीडीए ने राजधानी में पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की है। प्राधिकरण ने यमुना वनस्थली क्षेत्र में आर्टिजंस ईको लैब के डिजाइन, विकास और संचालन के लिए इच्छुक एजेंसियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किए हैं।



परियोजना के तहत यमुना वनस्थली क्षेत्र में एक ऐसा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय समुदायों को हरित तकनीक, पुनर्चक्रण, बागवानी, हस्तशिल्प और परंपरागत जीवनशैली से जुड़े प्रयोगों के लिए एक बेहतरीन प्रयोगशाला मिलेगी। डीडीए के हॉर्टिकल्चर सिविल डिवीजन के कार्यकारी अभियंता की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक यह प्रस्ताव 14 नवंबर तक जमा किए जाएंगे। डीडीए को मिले प्रस्तावों को अगले दिन 15 नवंबर को खोला जाएगा। यह परियोजना सस्टेनेबल डिवेलपमेंट और इको फ्रेंडली इनोवेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। इससे न केवल यमुना किनारे हरित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दिल्ली के कारीगरों को भी एक नए तरीके के प्रयोग करने के अवसर मिलेंगे।
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बायोडायवर्सिटी पार्क नए सिरे से चमकेगा
डीडीए ने वजीराबाद में यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क फेज-2 को नए सिरे से चमकाएगा। इसके लिए 25.13 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है। इससे पार्क की पारिस्थितिकी को और बेहतर बनाने, जलाशयों और पौधों सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। लोगों को साफ और हरित वातावरण मिलेगा। यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क फेज-2 करीब 350 एकड़ क्षेत्र में फैला है, जिसमें से करीब 197 एकड़ हिस्सा आम लोगों के लिए खुला है। पार्क में वेटलैंड, घास के मैदान, फलदार बगीचे, एकेशिया के जंगल और कई ग्रीनहाउस बनाए गए हैं। यह पार्क यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में पर्यावरण को जीवित किए हुए है। इससे यहां पर जैव विविधता भी सुरक्षित है। यहां आम लोगों की एंट्री कम होती है।
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