भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान(आईआईटीएम) के मुताबिक, मंगलवार को हवा की रफ्तार आठ से 12 किमी प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई है। इससे प्रदूषकों को फैलने में मदद मिली है। अगले दो दिनों तक हवा की रफ्तार चार किमी प्रति घंटा बने रहने का पूर्वानुमान है।
मिक्सिंग हाइट 1100 मीटर रहने की वजह से प्रदूषकों को फैलने में मदद मिली है। हालांकि, अगले दो दिनों में यह घटकर 800 से एक हजार मीटर तक होगी। हवा की रफ्तार व मिक्सिंग हाइट के अनुपात के कारण मंगलवार को वेंटिलेशन इंडेक्स सात हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड दर्ज किया गया।
आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में यह घटकर 2500 से तीन हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रह सकता है। इससे प्रदूषकों को फैलने के लिए कम जगह मिलेगी और हवा में प्रदूषक मौजूद रहेंगे।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 328 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 389 रहा था। वहीं, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा व नोएडा की हवा बहुत खराब श्रेणी से खिसक कर खराब श्रेणी में पहुंची है। दिल्ली-एनसीआर में हवा में सबसे अधिक सुधार ग्रेटर नोएडा में हुआ है। बीते एक दिन पहले यहां का एक्यूआई 350 दर्ज किया गया था, जबकि मंगलवार को यह 254 रहा।