अपने घर के कामों को निपटाने के लिए फार्मासिस्ट ने बैंक से लोन लेने की योजना बनाई। जेवरात लेकर फार्मासिस्ट पत्नी के साथ बैंक पहुंचा तो अधिकारियों ने उसकी कीमत लगवाने के लिए ज्वेलर के पास भेज दिया। शाहदरा के ज्वेलर ने जेवरात की 21 लाख रुपये कीमत आंकी।
दंपती व बैंक के दो कर्मचारी ई-रिक्शा से वापस जगतपुरी स्थित बैंक की शाखा लौट रहे थे। इस बीच रास्ते में ई-रिक्शा में सवार हुई दो महिलाओं ने फार्मासिस्ट की पत्नी के बैग से जेवरात उड़ा लिये। बैंक पहुंचने पर इसका पता चला तो दंपती के होश उड़ गए। फौरन मामले की सूचना जगतपुरी थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले में कुछ सुराग मिलने का दावा कर रहे हैं। पुलिस ने सोमवार को अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित मोहम्मद राशिद (57) परिवार के साथ जे-एक्सटेंशन, लक्ष्मी नगर में रहते हैं। वह जीपी पंत अस्पताल में फार्मासिस्ट हैं। परिवार को घर में कामों के लिए रुपयों की जरूरत थी। राशिद ने मन बनाया कि वह पत्नी के जेवरात बैंक में गिरवी रखकर लोन ले लेते हैं। यह सोचकर राशिद अपनी पत्नी बुशरा खानम के साथ जगतपुरी स्थित एसबीआई बैंक पहुंचे। वहां बैंक मैनेजर ने जेवरात की कीमत किसी ज्वेलर से लगवाकर लाने के लिए कहा। मैनेजर ने बैंक के ही दो कर्मचारियों को राशिद और उनकी पत्नी के साथ भेज दिया।
दंपती शाहदरा के एक ज्वेलर के पास पहुंचे। काफी जांच के बाद ज्वेलर ने पूरे सामान की कीमत 21 लाख रुपये लगाई। दंपती वापस ई-रिक्शा में सवार हुआ। बैंक कर्मचारी भी उनके साथ ही मौजूद थे। इसी दौरान रास्ते में एक महिला व बच्ची भी ई-रिक्शा में सवार हो गए। कुछ दूर जाकर एक युवती और बैठ गई। दंपती व कर्मचारी बैंक के पास ई-रिक्शा से उतर गए। महिला व युवती ई-रिक्शा में बैठकर आगे चले गए। बैंक जाकर बुशरा ने अपना बैग चेक किया तो उसमें जेवरात का बैग गायब था। दंपती के होश उड़ गए। फौरन मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया। पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।