फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने कहा: आश्चर्य है कि अफगानिस्तान के हालात देखते हुए भी जवान वहां जाना चाहते हैं, यह एक प्रशासनिक मुद्दा

Tue, 10 Aug 2021 11:08 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पीठ ने सुनवाई करने के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि जवानों का वहां तैनाती का कोई निहित अधिकार नहीं है। तैनाती और पुनर्स्थापन प्रशासनिक कार्य हैं, जिसमें स्थिति के अनुसार फैसला किया जाता है। 
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 30 जवानों को फिर से अफगानिस्तान ड्यूटी पर भेजने की मांग करने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला एवं न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह प्रशासनिक मुद्दा है और इसमें अदालत हस्तक्षेप नहीं करेगी। 

विज्ञापन


पीठ ने सुनवाई करने के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि जवानों का वहां तैनाती का कोई निहित अधिकार नहीं है। तैनाती और पुनर्स्थापन प्रशासनिक कार्य हैं, जिसमें स्थिति के अनुसार फैसला किया जाता है। 

अदालत ने कहा कि हमें यह आश्चर्यचकित करता है कि अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए याचिकाकर्ता वहां तैनात होने के इच्च्छुक हैं। याचिकाकर्ताओं ने उन्हें नए स्थान पर स्थानांतरित नहीं करने और उनके राजनयिक पासपोर्ट और वीजा को निलंबित नहीं करने का निर्देश देने की भी मांग की है।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता कोई शिकायत नहीं कर सकते हैं कि उन्हें भारतीय दूतावास, काबुल में तैनात जिन आईटीबीपी कर्मियों ने याचिकाकर्ताओं की तुलना में अफगानिस्तान में अधिक समय बिताया है, याचिकाकर्ताओं के बजाय उन्हें वापस बुलाया जाना चाहिए। काबुल स्थित भारतीय दूतावास अब भी काम कर रहा है।

विज्ञापन

अशांति के कारण अफगानिस्तान से वापस बुलाया

याचिकाकर्ताओं को अगस्त-सितंबर, 2020 और फरवरी, 2021 के बीच भारतीय महावाणिज्य दूतावास (सीजीआई), अफगानिस्तान में तैनात किया गया था। उनकी पोस्टिंग का कार्यकाल दो साल का था, हालांकि अफगानिस्तान में अशांति के कारण भारत सरकार ने अपने कार्यों को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया और वहां नियुक्त याचिकाकर्ताओं को एहतियात के तौर पर भारत वापस भेजने का निर्णय लिया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें