भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 30 जवानों को फिर से अफगानिस्तान ड्यूटी पर भेजने की मांग करने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला एवं न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह प्रशासनिक मुद्दा है और इसमें अदालत हस्तक्षेप नहीं करेगी।
पीठ ने सुनवाई करने के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि जवानों का वहां तैनाती का कोई निहित अधिकार नहीं है। तैनाती और पुनर्स्थापन प्रशासनिक कार्य हैं, जिसमें स्थिति के अनुसार फैसला किया जाता है।
अदालत ने कहा कि हमें यह आश्चर्यचकित करता है कि अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए याचिकाकर्ता वहां तैनात होने के इच्च्छुक हैं। याचिकाकर्ताओं ने उन्हें नए स्थान पर स्थानांतरित नहीं करने और उनके राजनयिक पासपोर्ट और वीजा को निलंबित नहीं करने का निर्देश देने की भी मांग की है।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता कोई शिकायत नहीं कर सकते हैं कि उन्हें भारतीय दूतावास, काबुल में तैनात जिन आईटीबीपी कर्मियों ने याचिकाकर्ताओं की तुलना में अफगानिस्तान में अधिक समय बिताया है, याचिकाकर्ताओं के बजाय उन्हें वापस बुलाया जाना चाहिए। काबुल स्थित भारतीय दूतावास अब भी काम कर रहा है।