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कल्याणपुरी में दो लावारिस बैग मिलने से अफरातफरी

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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के मौके पर आतंकी हमले के इनपुट मिलने के बाद से राजधानी अलर्ट पर है। गाजीपुर में बीते शुक्रवार को विस्फोटक से भरा बैग मिलने के बाद तो पुलिस और भी चौकन्नी है। बुधवार दोपहर को भी उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कल्याणपुरी में दो लावारिस बैग में बम होने की सूचना पुलिस को मिली। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बैग वाली जगह की घेराबंदी कर दी गई। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, दमकल विभाग, डीडीएमए के अलावा स्पेशल सेल व बाकी यूनिट भी वहां पहुंच गईं। बैग की बारीकी से जांच की गई। करीब डेढ़ घंटे की जांच के बाद पुलिस को बैग में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। बैग में एक लैपटॉप, मोबाइल व अन्य सामान था। उसे भी बदमाशों ने पीतमपुरा के एक युवक की कार से चुराया था। इसकी शिकायत युवक ने निजामुद्दीन थाना पुलिस को दी थी। युवक से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
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पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि बुधवार दोपहर को पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना देकर किसी ने बताया था कि कल्याणपुरी में मेट्रो के पिलर नंबर-59 के पास मस्जिद के नजदीक दो लावारिस बैग रखे हुए हैं। इनमें बम हो सकते हैं। कॉल चलते ही पूरी राजधानी में अलर्ट जारी कर दिया गया। फौरन स्थानीय पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई और वहां पर लोगों की आवाजाही बंद कर घेराबंदी कर दी गई। धीरे-धीरे बाकी एजेंसियां भी वहां पहुंच गईं। शुरुआत में लगा कि गाजीपुर की तरह ही इन बैगों में भी विस्फोटक हो सकता है। बम निरोधक दस्ते की टीम ने बेहद बारीकी से जांच की। डॉग स्क्वायड को भी उनमें कुछ संदिग्ध नहीं लगा। बाद में बैगों को खोला गया तो उसमें लैपटॉप, मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ।
ठक-ठक गिरोह ने चुराए थे दोनों बैग
जांच करने पर पता चला कि बैग किसी सोमेश गुप्ता नामक युवक का है। फौरन युवक से संपर्क कर उसे कल्याणपुरी थाने बुला लिया गया। युवक ने बताया कि वह बुधवार को ही दिल्ली लौटा था। उसने बताया कि वह परिवार के साथ पीतमपुरा में रहा है और गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में कंसलटेंट है। बुधवार को वह अपने भाई सिद्धार्थ गुप्ता के पास से कोटद्वार, उत्तराखंड से लौट रहा था। उसे साउथ एक्सटेंशन जाना था। बारापूला से जाते समय निजामुद्दीन इलाके में ठक-ठक गिरोह ने उसके दोनों बैग कार से चुरा लिए। इसके लिए उसने निजामुद्दीन थाने जाकर शिकायत भी दी थी। पुलिस ने सोमेश से पूछताछ करने के बाद उसे छोड़ दिया।
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बैग से लैपटॉप और मोबाइल क्यों नहीं निकाला
सोमेश ने पुलिस को बताया है कि उसका बैग ठकठक गिरोह ने चोरी कर लिया था। अगर ऐसा था तो बैग छोड़ने वाले बदमाशों ने सोमेश के बैग से लैपटॉप और मोबाइल क्यों नहीं निकाला, वह बैग छोड़कर क्यों भागे। पुलिस के लिए फिलहाल यह रहस्य बना हुआ है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि शायद पुलिस के डर से बदमाशों ने बैग को वहां छोड़ा होगा।
लग रहा था कि शायद बैगों में विस्फोटक है
14 जनवरी को गाजीपुर मंडी के गेट पर आईईडी से भरा बैग मिला था। एनएसजी की टीम ने मंडी में ही दूर ले जाकर इस बम को निष्क्रय किया था। बुधवार को एक बार फिर जब पूर्वी दिल्ली में ही बैग मिलने की खबर मिली तो जिला पुलिस के होश उड़ गए। खुद पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप समेत तमाम आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। शुरुआत में तो पुलिस को भी लग रहा था कि शायद इन बैगों में भी विस्फोटक है।
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