दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता के स्तर में सुधार हुआ है। इसका नतीजा है कि सरकारी स्कूलों में दो साल में दो लाख से अधिक बच्चों ने दाखिला लिया है। सरकार का दावा है कि अभिभावक निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों का स्तर निजी स्कूलों से बेहतर होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करा रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि ऐसा देश में पहली बार हो रहा है।
दिल्ली सरकार से प्राप्त आंकड़ों पर नजर डालें तो शैक्षणिक सत्र 2021-22 के तहत नर्सरी से बारहवीं कक्षा में दाखिले के लिए 2, 36, 522 आवेदन आए हैं। जिसमें से 1,58, 484 दाखिले हो चुके हैं। जबकि अभी दाखिला प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में यह आंकड़ा और बढने की उम्मीद है। इस तरह से सत्र 2021-22 में नामाकंन 17.67 लाख पहुंच गया है। बीते साल(सत्र 20-21) में कुल नामाकंन 16 लाख 28 हजार रहा था। जबकि सत्र 2019-20 में कुल नामाकंन 15.05 लाख रहा था।
दिल्ली सरकार का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम हुआ है। इस कारण से सरकारी स्कूलों का स्तर निजी स्कूलों से भी बेहतर हो गया है। सरकार का कहना है कि सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि पिछले कुछ ही समय में निजी स्कूलों के दो लाख से अधिक छात्रों ने सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है।
सरकार लगातार स्कूलों केस्तर में सुधार कर रही है। जल्द ही स्कूलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर केबोर्ड की पढ़ाई होगी। इसकेलिए सरकार ने इंटरनेशनल बैकलॉरिएट(आईबी) केसाथ करार किया है। हाल ही में सरकारी स्कूलों में देशभक्ति पाठ्यक्रम शुरु किया गया है। सरकार ने दिल्ली का अपना शिक्षा बोर्ड भी शुरू किया है।