नई दिल्ली। जिस तरह जितेंद्र गोगी की हत्या की साजिश मंडोली जेल में रची गई थी और जेल से ही फोन कर गोगी की हत्या करने के आदेश दिए गए थे, उसी तरह टिल्लू ताजपुरिया की हत्या करने के लिए भी मंडोली जेल से आदेश दिए गए थे। ये आदेश गोगी की हत्या के बाद ही मंडोली जेल में बंद गोगी गिरोह के गैंगस्टर गुल्लू उर्फ गुलशन और सोनू खडख़ड़ी ने दे दिए थे। स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए जितेंद्र गोगी गिरोह के चार शूटरों ने पूछताछ में ये खुलासा किया है। इसके बाद ये कहा जा सकता है कि जेलों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल थम नहीं रहा है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर मानसिंह की टीम ने खेड़ा गांव से गोगी-अशोक प्रधान गिरोह के चार शूटरों अनुज उर्फ मोहित, हर्ष उर्फ मिथुन, सागर राणा उर्फ कॉला और सुमित उर्फ कालू को गिरफ्तार किया था। इन शूटरों ने खुलासा किया है कि गोगी गिरोह की कमान तिहाड़ जेल में बंद व जितेंद्र गोगी के खास रहे रोहित मोई ने संभाल ली है। रोहित मोई भी गोगी के साथ गुरुग्राम से पिछले वर्ष गिरफ्तार हुआ था। हालांकि रोहित मोई अभी तिहाड़ में बंद हैं, ऐसे में जेल से बाहर बॉक्सर व दीपक कराड़ा गिरोह को संभाल रहे हैं।
इन शूटरों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि जितेंद्र गोगी की हत्या का बदला लेने को टिल्लू की हत्या करने के लिए गोगी गिरोह के 50 से ज्यादा गुर्गे तैयार हैं। ऐसे में दिल्ली में बड़ी गैंगवार होने की आशंका है।
गिरफ्तार शूटरों ने पूछताछ में ये खुलासा किया है कि उन्हें टिल्लू की हत्या करने से पहले टिल्लू के खास तीन गुर्गों खेड़ा गांव के विशाल मान, वाजितपुर के मोनू और ताजपुर के नरेश की हत्या करनी थी। अभी इन तीनों की हत्या करने के निर्देश दे दिए गए थे। टिल्लू की हत्या करने के लिए रेकी करवाई जा रही थी। रेकी गोगी गिरोह का दूसरा गिरोह कर रहा था। गिरफ्तार शूटरों को तो मौके पर जाकर टिल्लू की उस समय हत्या करनी थी, जब टिल्लू को दिल्ली पुलिस मेडिकल जांच के लिए ले जाती या फिर अपराध शाखा उसे रोहिणी के सेक्टर-18 स्थित अपने कार्यालय में लाती।
पंजाब से लाए थे हथियार
शूटरों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह हथियार पंजाब से लेकर आए थे। लारेंस बिश्नोई ने जग्गू भगवानपुरिया के जरिये गोगी के शूटरों को ये हथियार दिलवाए थे। पुलिस ने शूटरों के कब्जे से नौ पिस्टल व 123 कारतूस बरामद किए है। इनमें से पांच विदेशी पिस्टल हैं।
...ताकि वकीलों पर गोली चलाने में झिझकती पुलिस
नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र गोगी की हत्या की साजिश सुनील टिल्लू उर्फ टिल्लू ताजपुरिया ने मंडोली जेल में रची थी। टिल्लू ताजपुरिया ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने शूटरों को वकील की ड्रेस में इसलिए भेजा था, ताकि दिल्ली पुलिस के जवान वकीलों पर गोली चलाने में झिझकते, मगर पुलिस ने शूटरों को मार गिराने में देरी नहीं की। दूसरी तरफ अपराध शाखा ने नवीन बाली को गिरफ्तार कर लिया है। अपराध शाखा एक-दो दिन में नवीन बाली को रिमांड पर लेगी।
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टिल्लू ताजपुरिया ने मंडोली जेल में नवीन बाली के साथ मिलकर जितेंद्र गोगी की हत्या की साजिश रची थी। टिल्लू के खुलासे पर नवीन बाली को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा टिल्लू ताजपुरिया ने पूछताछ में ये भी खुलासा किया है कि उसने जितेंद्र गोगी की हत्या के लिए मंडोली जेल से आदेश दिए थे। वह मोबाइल पर सिग्नस एप के जरिये उमंग व शूटरों से बात करता था। उसने जेल में ही उस फोन को तोड़कर जला दिया है। पुलिस अधिकारियों ने जब टिल्लू से पूछा कि मोबाइल फोन किससे लिया था तो टिल्लू ने बताया कि उसने मंडोली जेल में एक बदमाश से लिया था। वह बदमाश जेल में मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल को जलाकर टिल्लू ने अपने खिलाफ सबूत नष्ट कर लिए हैं। तीन दिन की रिमांड पूरी होने के बाद अपराध शाखा ने रविवार को टिल्लू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हालांकि रोहिणी कोर्ट में आए तीसरे शूटर की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। टिल्लू ताजपुरिया ने तीसरे शूटर के बारे में कुछ नहीं बताया है। पूछने पर उसने कहा कि वह तीसरे शूटर को नहीं जानता। दिल्ली पुलिस की कई टीमें तीसरे शूटर की पहचान के लिए कई जगहों पर दबिश दे रही हैं।