नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में गोशाला व अनुसंधान केंद्र की स्थापना को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। बीते सप्ताह शिक्षकों के विरोध के बाद अब छात्र भी इसके विरोध में उतर आए हैं। सोमवार को विभिन्न वामपंथी संगठनों ने इसके विरोध में कॉलेज के बाहर पोस्टर तख्ती के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में एसएफआई समेत केवाईएस जैसे छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने उस स्थान पर छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाने की मांग की।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की हंसराज कॉलेज इकाई की ओर से प्रदर्शन के दौरान प्रशासन पर छात्र हितों को नजर अंदाज करने का आरोप लगाया है। छात्रों ने कहा कि हॉस्टल के लिए तय स्थान पर गोशाला और गोसंरक्षण अनुसंधान केंद्र बनाया जा रहा है, जो कि सही नहीं है। कॉलेज प्रिसिंपल डॉ. रमा कह चुकी हैं कि केंद्र में केवल एक गाय को अनुसंधान के लिए रखा गया है। जहां केंद्र स्थापित किया गया है वह खाली था और छात्रावास बनाना संभव नहीं है।
छात्रों की ओर से किए गए इस प्रदर्शन के दौरान उनके हाथ में पोस्टर व तख्ती थी, जिन पर लिखा था शिक्षा की रक्षा करें, छात्र कल्याण को प्राथमिकता दें, शिक्षा का भगवाकरण न करें। वहीं, क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने कहा कि तथाकथित अनुसंधान केंद्र महिला छात्रावास के निर्माण के लिए चिह्नित स्थल पर बनाया जा रहा है। यह फैसला न केवल विश्वविद्यालय के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि साफ तौर पर महिला विरोधी भी है।
केवाईएस का कहना है कि कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रमा ने हाल ही में इस तथाकथित शोध केंद्र की स्थापना को सही ठहराते हुए एक पत्र जारी किया है, जिसमें यह फैसला कॉलेज को चलाने वाले ट्रस्ट के मूल्यों पर आधारित बताया गया है। केवाईएस की मांग है कि दिल्ली विश्वविद्यालय तुरंत कॉलेज प्रशासन को परिसर के भीतर गोशाला और गाय अनुसंधान केंद्र को बंद करने का निर्देश जारी करे। कॉलेज प्रिंसिपल का इस्तीफा सुनिश्चित करे।