दिल्ली में उतार-चढ़ाव के बीच रविवार को कोरोना टीकाकरण का एक साल पूरा हुआ। पिछले साल 16 जनवरी को दिल्ली सहित पूरे देश में कोरोना का टीकाकरण शुरू हुआ था लेकिन इसके दो महीने बाद ही महामारी की चौथी लहर ने नई चुनौतियों को खड़ा कर दिया। इसके चलते काफी दिनों तक यह काफी प्रभावित रहा लेकिन चौथी लहर जब नियंत्रण में आई तो दिल्ली में वैक्सीन का संकट भी खड़ा हुआ। इन्हीं चुनौतियों के बीच दिल्ली में पहली खुराक का लक्ष्य पूरा होने के बाद अब दूसरी खुराक का टीकाकरण भी पूरा होने जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजधानी में अब तक 2.85 करोड़ टीकाकरण अब तक हुआ है। इनमें से 1.65 करोड़ लोगों को पहली खुराक मिली है। जबकि 1.19 करोड़ लोग दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा कर चुके हैं। राजधानी में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों की वयस्क आबादी करीब 1.50 करोड़ अनुमानित थी लेकिन एकल खुराक का टीकाकरण इससे कहीं अधिक तक पहुंच गया है।
इसी तरह बीते तीन जनवरी से दिल्ली में 15 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों का टीकाकरण भी हो रहा है। इनकी कुल आबादी करीब 10.84 लाख के आसपास है जिनमें से 5.66 लाख किशोर पहली खुराक ले चुके हैं। इसी तरह स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और पहले से बीमार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले 1.28 लाख लोग एहतियात खुराक भी प्राप्त कर चुके हैं।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण को लेकर पिछला एक साल काफी चुनौतियों से भरा रहा। वैक्सीन की आपूर्ति पर समय रहते न होने से कई बार केंद्रों को अस्थायी तौर पर भी बंद करना पड़ गया था। हालांकि समय के साथ स्थितियों में सुधार होने से दिल्ली अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती चली गई।
घर-घर जाकर लोगों से पूछताछ करने और वैक्सीन न लेने वालों को उनकी दहलीज पर जाकर खुराक देने जैसे अभियान भी काफी सफल रहे। विभाग ने बताया कि इस बार राजधानी में कोरोना की पांचवीं लहर आने के बाद भी टीकाकरण प्रभावित नहीं हुआ है। हर दिन राजधानी में करीब दो लाख लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो आगामी मार्च माह तक दिल्ली में व्यस्क, किशोर आबादी का टीकाकरण 100 फीसदी पूरा हो जाएगा।