बारिश का दौर थमने के बाद दिल्ली-एनसीआर में हवा फिर से बिगड़नी शुरू हो गई है। बीते 24 घंटे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) संतोषजनक श्रेणी से निकलकर खराब में दर्ज हुआ है। सफर का अनुमान है कि तीन दिन के भीतर पराली का धुआं और स्थानीय स्तर पर होने वाला प्रदूषण हवा बिगाड़ने में अहम कारक बनेगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 139 दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 82 था। उधर, मंगलवार को एनसीआर के शहरों में फरीदाबाद का एक्यूआई 149, गाजियाबाद का 176, गुरुग्राम का 124, ग्रेटर नोएडा का 149 व नोएडा का 154 रहा।
सफर इंडिया के मुताबिक, बारिश का दौर थमने और मौसम शुष्क होने के कारण तीन दिन के भीतर पराली जलाने की घटनाएं बढ़ेंगी। इससे हवा में पीएम2.5 का स्तर भी बढ़ेगा। स्थानीय स्तर पर उड़ने वाली धूल व अन्य कारक भी दिल्ली की हवा में पीएम10 के स्तर में इजाफा करेंगे। बीते 24 घंटे में पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की 348 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे हवा में पीएम2.5 के स्तर की 8 फीसदी हिस्सेदारी रही। मंगलवार को हवा में पीएम10 का स्तर 139 व पीएम2.5 का स्तर 66 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों कणों का स्तर संतोषजनक श्रेणी में दर्ज किया गया।
नवंबर के नजदीक आने के साथ सर्दी का अहसास धीरे-धीरे बढ़ रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 4कम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले वर्ष 2012 में इतना तापमान रिकॉर्ड हुआ था। अगले 24 घंटे में अधिकतम पारे में इजाफा होगा तो न्यूनतम में कमी आएगी।
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 49 से 94 फीसदी रहा। सुबह वातावरण में ठंडक महसूस की गई। वहीं, दोपहर में धूप की कसावट भी ढीली रही। विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में पारा अधिकतम 29 व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा और ठंडक का अहसास बना रहेगा। इस सप्ताह के अंत तक दिनभर धूप खिली रहेगी और पारे में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है।