उत्तरी दिल्ली नगर निगम में शुक्रवार को नेता सदन योगेश वर्मा ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट अनुमानों की घोषणा की है। इसमें प्रत्येक पार्षद को विकास के लिए 1.5 करोड़ रुपये का आवंटन करने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सभी तलों पर केवल चार दस्तावेजों के आधार पर फैक्टरी लाइसेंस देने की घोषण की गई है। वहीं,12 मीटर तक ऊंचे गेस्ट हाउस को बिना फायर विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र के हेल्थ लाइसेंस जारी का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
बजट की घोषण की करते हुए पार्षदों के विकास राशि देने के साथ उन्हें निगम द्वारा मान्य अस्पतालों व लैबों में सीजीएचएस व डीजीएचएस की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषण की गई है। वहीं, बेसहारा पशुओं पर लगाम लगाने के साथ-साथ मोबाइल टावरों, स्मार्ट पॉल व निगमों पार्कों में कियोस्क का प्रावधान किया गया है।
चार दस्तावेज दिखाने पर मिलेगा फैक्टरी लाइसेंस
बजट के अंदर निगम क्षेत्रों में सभी तलों पर फैक्टरी लाइसेंस देने की भी बात कही गई है। इस प्रक्रिया को लोगों के लिए सरल बनाया गया है। इस कड़ी में अब केवल चार दस्तावेजों को ही दिखाकर फैक्टरी लाइसेंस मिल सकेगा। इसमें हलफनामा, फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र, स्वामित्व पत्र व प्रदूषण पत्र अनिवार्य है। इनके आधार पर फैक्टरी मालिकों को सभी तलों के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा। इससे पहले केवल भूतल पर ही यह सुविधा थी।
12 मीटर तक ऊंचे गेस्ट हाउस को राहत
उत्तरी निगम ने 12 मीटर तक ऊंचे गेस्ट हाउस स्वामियों को राहत प्रदान की है। इसके तहत अब इन गेस्ट हाउस को बिना फायर विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र के हेल्थ लाइसेंस जारी किया जाएगा। हालांकि, 15 मीटर तक ऊंचे गेस्ट हाउस को फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। निगम के इस निर्णय से छोटे गेस्ट हाउस मालिकों को फायदा होगा।
बेसहारा पशुओं पर कसी जाएगी नकेल
निगम ने अपने क्षेत्र में बेसहारा पशुओं पर नकेल कसने के लिए जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। इसके तहत अनाधिकृत रूप से पशु रखने वाले मालिकों पर पशु द्वारा उत्पन्न की गई समस्या को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण(एनजीटी) के अनुपालन में पांच हजार रुपये प्रति घटना व प्रतिदिन के हिसाब से पर्यावरण क्षति शुल्क लगेगा। वहीं, स्थायी समिति में प्रस्ताव पास कर भैंसों में माइक्रोचिप लगाने का भी निर्णय लिया गया है। इस चिप में भैंस के मालिक की पूरी जानकारी होगी।
सस्त्रंपत्तिकर में नहीं हुई बढ़ोत्तरी, मिली राहत
निगम ने संपत्तिकर में कोई बढ़ोत्तरी न करते हुए पिछले बकाया संपत्तिकरों में भी राहत दी है। इसमें रिहायशी कॉलोनियों में पिछले दो वर्ष व व्यावसायिक संपत्तियों के लिए पिछले चार वर्ष का संपत्तिकर जमा कराने पर पिछला संपत्तिकर माफ किया गया है। इसमें 15 फीसदी की छूट भी दी गई है।
पार्किंग योजना को रफ्तार
बजट में निगम की प्रस्तावित पार्किंगों की भी घोषणा की गई है। इसमें ईदगाह बहुस्तरीय पार्किंग का विकास, हनुमान सेतु पर 95 कारों की स्टैक पार्किंग, फतेहपुरी बाग में 196 कारों की पार्किंग का विकास व गांधी मैदान में 2,338 क्षमता की कार पार्किंग का निर्माण आदि शामिल है।