नई दिल्ली में एनआरआई युवक अनमोल सरना की हत्या के मामले में गिरफ्तार उसके चार दोस्तों को अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया।
शुक्रवार को बहस के दौरान बचाव पक्ष ने एनडीपीएस कानून की जमानती धाराओं का हवाला देते हुए जमानत देने की मांग की जबकि पुलिस ने आरोपी युवकों की हत्या में संलिप्तता की आशंका के मद्देनजर जमानत याचिका का विरोध किया।
सरना के वकील अक्षय कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस ने किसी भी आरोपी को हत्या के मामले से क्लीन चिट नहीं दी है। इन पर हत्या में शामिल होने का शक है।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक वासन ने शुक्रवार को आरोपी प्रनिल शाह, मधुर भंडारी, शिवांग व रिद्म की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में मधुर भंडारी, शिवांग व रिद्म की याचिका पर अधिवक्ता केटीएस तुलसी व प्रनिल शाह की याचिका पर अधिवक्ता राकेश सहरावत ने बहस की।
बचाव पक्ष ने कहा कि उनके मुवक्किलों के पास 300 माइक्रो ग्राम एलएसडी होने की बात सामने आई है। इससे संबंधित धाराएं जमानती हैं।
वहीं, जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि मामला अभी शुरुआती जांच में है। इस समय इनके हत्या में शामिल होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
अनमोल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 11 चोटों की बात सामने आई है। इनमें से केवल तीन चोटें लाठी या डंडे से लगी हैं। उसके सिर पर लगी चोट डंडे की नहीं है।
पुलिस ने प्रनिल शाह के परिजनों के व्यवहार पर भी उंगली उठाई। पुलिस के अनुसार, पार्टी उसके घर पर हुई थी। वहां अनमोल ने हंगामा व मारपीट की, लेकिन प्रनिल या उसके पिता ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी।
वहीं, कई वैज्ञानिक, फोरेंसिक सबूत, डीएनए व विसरा को सेंट्र फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (सीएफएसएल) में भेजे गए हैं। इन सभी सबूतों की जांच की जानी है।