दिल्ली मेट्रो फेज-4 के मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर दिल्ली-एनसीआर का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बनेगा। नीचे सड़क और फ्लाईओवर पर वाहन गुजरेंगे तो ऊपर ट्रैक पर मेट्रो में यात्रियों को सफर का मौका मिलेगा। करीब 1.4 किमी के दायरे में चल रहे इस निर्माण कार्य को पूरा होने से उत्तर पूर्व दिल्ली की 10 से अधिक कॉलोनियों से रोजाना आवागमन करने वाले हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक इससे रोजाना वाहन चालकों को करीब आधे घंटे बचेगा। साथ ही रास्ते पर एक साथ करीब तीन गुना अधिक वाहन जा सकेंगे। पिंक लाइन पर मेट्रो विस्तार के तहत यह देश का पहला रिंग कॉरिडोर भी होगा। अगले साल के अंत तक इस कॉरिडोर पर मेट्रो परिचालन की तैयारी है।
दिल्ली के उत्तर पूर्वी दिल्ली में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सहयोग से भजनपुरा और यमुना विहार मेट्रो स्टेशन के बीच एकीकृत संरचना को तैयार किया जा रहा है। इसके तैयार होने से उत्तर पूर्वी दिल्ली से रोजाना दिल्ली के अलग अलग कोने तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
एकीकृत संरचना के तहत मेट्रो जमीन से 18.5 मीटर की ऊंचाई पर चलेगी वहीं निचले हिस्से में 9.5 मीटर की ऊंचाई पर फ्लाईओवर पर वाहनों की आवाजाही होगी। नीचे बनी सड़क और फ्लाईओवर पर वाहनों की साथ आवाजही होगी। वहीं तीसरे लेवल पर मेट्रो का परिचालन होगा। फिलहाल यहां निर्माण के लिए पिलर लगाने के साथ गर्डर रखने का काम किया जा रहा है। मेट्रो पुल की चौड़ाई करीब 10.5 मीटर जबकि तीन लेन के फ्लाईओवर की चौड़ाई करीब 10 मीटर होगी। 12.5 किमी के मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर पिंक लाइन के विस्तार किया जा रहा है। इससे यात्रियों को दिल्ली के किसी भी कोने में रिंग कॉरिडोर के जरिये सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
आठ मेट्रो स्टेशन के बीच दौड़ेगी ड्राइवरलेस मेट्रो
इस कॉरिडोर पर यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सोनिया विहार, सूरघाट, जगतपुर गांव, झड़ौदा माजरा और बुराड़ी सहित कुल 8 एलिवेटेड स्टेशनों से यात्रियों को मेट्रो की सुविधा उपलब्ध होगी। फेज-4 के इस कॉरिडोर पर सबसे पहले मेट्रो परिचालन की शुरुआत होगी। खास बात यह है कि परिचालन की शुरुआत के कुछ दिन बाद इस कॉरिडोर पर भी चालक रहित (ड्राइवरलेस) मेट्रो दौड़ेगी।