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Crime in Delhi : डॉक्टर बनकर कर ठगी करने वाली एमएससी पास युवती रंगे हाथ गिरफ्तार, कई और गोरखधंधों पर चोट

Wed, 17 May 2023 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

वह लोगों को संस्थान में इलाज कराने का झांसा देकर मोटी रकम हड़प लेती थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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दिल्ली व यूपी से माइक्रोबायोलॉजी में बीएससी और फॉरेंसिक साइंस में एमएससी अच्छे नंबरों से पास करने वाली युवती डॉक्टर बनकर एम्स में ठगी करने में लगी हुई थी। वह लोगों को संस्थान में इलाज कराने का झांसा देकर मोटी रकम हड़प लेती थी। हौज खास थाना पुलिस ने युवती को फोटो के आधार पर कई दिनों की तलाश के बाद आखिरकार मंगलवार को एम्स परिसर से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 

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हरिद्वार निवासी सुरेंद्र बेटी का इलाज कराने अप्रैल में एम्स में आए थे। उनकी बेटी का एम्स में दिल का इलाज चल रहा है। एम्स में सुरेंद्र की मुलाकात सुभी से हुई। उसने उस समय डॉक्टर का कोट पहना हुआ था। उसने सुरेन्द्र से कहा कि वह एम्स में डॉक्टर है और उसकी बेटी का ठीक से इलाज करा देगी। उसने इलाज कराने की एवज मे पीड़ित से एक लाख रुपये ले लिए। पैसे लेने के बाद उसने पीड़ित के फोन उठाने बंद कर दिए। इसके बाद पीड़ित ने एम्स प्रशासन से शिकायत की। एम्स प्रशासन ने इसकी जानकारी हौज खास थाना पुलिस को दी । 

मामले की जांच के लिए हौज़खास थानाध्यक्ष शिव दर्शन की देखरेख में एसआई दीपेंद्र कुमार, एसआई ब्रह्मानंद, हेड कांस्टेबल मुकेश व प्रदीप की टीम ने जांच शुरू की। सुरेंद्र ने आरोपी युवती की फोटो अपने मोबाइल से ले ली थी । इस फोटो के आधार पर पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। एसआई दीपेंद्र कुमार व एएसआई ब्रह्मानंद की टीम ने जांच के दौरान आरोपी युवती को एम्स से उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह एक बीमार व्यक्ति के परिजनों से पैसे ऐंठने की कोशिश कर रही थी। 
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नकली दवा बेचकर 6372 लोगों से ठगी
एक अन्य मामले में पुलिस ने नामी दवा कंपनी के नाम पर नकली आयुर्वेदिक दवाइयां सस्ते में देने के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दवाओं के सेवन से लोग ठीक होने की जगह और ज्यादा बीमार रहे थे। कई लोगों की जान पर बन आई थी। आरोपी देशभर में 6372 लोगों से 1.94 करोड़ रुपये ठग चुके हैं। आरोपी दिल्ली व लखनऊ में कॉल सेंटर चलाकर कंपनियों के प्रतिनिधि बनाकर लोगों को ठग रहे थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम के अनुसार, उनायुर मार्केटिंग प्रा. लिमिटेड (यूएमपीएल) के प्रशासनिक मैनेजर सचिन दहिया ने शिकायत में आरोप लगाया था कि अज्ञात लोग उनकी कंपनी के ग्राहकों को कम दाम का झांसा देकर नकली, गलत ब्रांड व मिलावटी दवा बेच रहे हैं। आरोपी ग्राहकों से बात करने के लिए बहुत सारे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

आरोपी उनकी कंपनी के 6372 लोगों से 2017 से लेकर अब तक 1.94 करोड़ रुपये ठग चुके हैं। मामला दर्ज कर एसीपी जयप्रकाश की देखरेख में इंस्पेक्टर अवधेश, एसआई सोनम जोशी, हरजीत, एएसआई नीरज पांडेय व एएसआई सुरेंद्र राठी की टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता लगा कि ठगी की रकम जमा कराने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खाते दिल्ली व लखनऊ से खोले गए हैं। मोबाइल की लोकेशन भी इन शहरों में मिली। जांच के बाद इंस्पेक्टर अवधेश की टीम ने ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तीन कॉलसेंटर स्वरूप नगर, दिल्ली व लखनऊ में जानकीपुरम व इंद्रिरा नगर में ढूंढ निकाले। एसआई हरजीत की टीम ने दबिश देकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

दिल्ली व लखनऊ में कॉलसेंटर खोलकर 1.94 करोड़ रुपये ठगे, दस आरोपी गिरफ्तार
एयरटेल कर्मी देता था दवा कंपनियों का डाटा  : राहुल सिंह गिरोह का सरगना है। आरोपी साथियों अग्रसेन, समर सिंह और जितेंद्र सिंह के साथ मिलकर कॉल सेंटर चला रहा था। वह एयरटेल कर्मी राजेश सिंह से दवा कंपनी के ग्राहकों का डाटा लेता था। इसके बाद ग्राहकों को कंपनी की दवा सस्ते में देने का झांसा देकर नकली दवा भेज देते थे।

इनकी हुई गिरफ्तारी: दिल्ली निवासी विकास पाल (26), सोनू पाल (26), राजेश सिंह (25) व आशुतोष कुमार (25), गांव गांधीपुर, बाराबंकी निवासी राहुल सिंह (26), समर (29) व अग्रसेन सिंह(34), गांव किशुनपुर रामनगर, बाराबंकी जितेंद्र सिंह (32), बहराइच निवासी रोहित सिंह (24) और गांव सिकिटिहा छपका थाना ईसानगर, लखीमपुर खीरी सतीश सिंह (26)।

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