कोहरे की वजह से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। रेलवे ट्रैक पर ट्रेन तो आसमानों में विमानों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। गुरुवार को दिल्ली एयरपोर्ट से आवाजाही करने वाली 50 से अधिक उड़ानें देरी से संचालित हुईं।
बुधवार देर रात से ही घने कोहरे की चादर से दिल्ली एयरपोर्ट रनवे लिपटना शुरू हो गया था। सुबह छह बजे पालम एयरपोर्ट पर दृश्यता 50 मीटर तक पहुंच गई थी। इस वजह से एयरपोर्ट का संचालन प्रभावित होने लगा। लो विजिबिलिटी प्रोसीजर लागू करके विमानों का संचालन किया गया। हालांकि, ना तो कोई उड़ान निरस्त की गई और न ही अन्य राज्यों के लिए रूट परिवर्तित किया गया। इसके अलावा गणतंत्र दिवस समारोह की वजह से नोटम लगा हुआ है। 29 जनवरी तक अलग-अलग अवधि के दौरान नॉन शेड्यूल और चार्टर का संचालन नहीं किया जा रहा है। इस वजह से भी विमानों के संचालन पर असर देखने को मिला।
दो दर्जन से अधिक ट्रेन घंटों देरी से पहुंची
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड व कोहरा की वजह से रेल यातायात पर बुरा असर देखने को मिल रहा है। अधिकतर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दो से तीन घंटे देरी से चल रही हैं। इसके चलते रेलयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को दो दर्जन से अधिक ट्रेन दिल्ली के स्टेशनों पर देरी से पहुंची। जिसकी वजह से ट्रेन की आगे की रवानगी में भी देरी हुई। इस वजह से स्टेशन पर यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
पिछले कई दिनों से कोहरा की मार रेलवे के मुसाफिरों पर पड़ रही है। कोहरा का असर वैसे तो यातायात के संसाधनों पर पड़ रहा है, लेकिन सबसे बुरा असर रेल यातायात पर पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर सर्दी में कंपकपाते रेलयात्री अपनी-अपनी ट्रेन का घंटों इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। जिससे उनको भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 4 घंटे से अधिक देरी से नई दिल्ली पहुंची तो वहीं भागलपुर-नई दिल्ली एक्सप्रेस 3:30 घंटे तो विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन एक्सप्रेस 3 घंटा, हबीब गंज-निजामुद्दीन एक्सप्रेस 2:30 घंटे, कानपुर-नई दिल्ली श्रमशक्ति एक्सप्रेस 2:30 घंटे, गोरखपुर-नई दिल्ली एक्सप्रेस 3 घंटे, हावड़ा-नई दिल्ली एक्सप्रेस 2 घंटे, रीवा एक्सप्रेस 1:45 घंटा तो कैफियात एक्सप्रेस 1:30 घंटे की देरी से पहुंची। इस वजह से यात्री परेशान हुए।