परिवहन विभाग की सख्ती का असर स्क्रैप कारोबार पर भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। पिछले कुछ महीनों के दौरान इस कारोबार में करीब 40 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल के पहले महीने में दिल्ली के आठ अधिकृत स्क्रैपर ने करीब 500 वाहनों को स्क्रैप कर दिया। इनमें दोपहिया वाहनों की संख्या करीब 80 फीसदी है।
स्क्रैप कारोबारियों के मुताबिक नए साल पर पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द होने के बाद उनके कारोबार में बढ़ोतरी हुई है। परिवहन विभाग की सख्ती से न केवल कारोबार में बढ़ोतरी होगी बल्कि दिल्ली को प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
दिल्ली सरकार की ओर से वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के लिए रेट्रो फिटमेंट को प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन इसपर अधिक खर्च होने की वजह से लोगों का रुझान काफी कम है। एक जनवरी को 10 साल से अधिक पुराने एक लाख से अधिक डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है।
इनमें से सड़क पर उतरने वाले वाहनों को जब्त कर स्क्रैप करने के लिए भेज दिया गया। अधिकृत एजेंसियों के पास पिछले दो-तीन महीने के दौरान स्क्रैप किए जाने वाले वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विभागीय सख्ती से स्क्रैप कारोबार में इजाफा होने के साथ ही सड़क और गलियों में पार्क किए गए पुराने वाहनों की संख्या भी धीरे कम हो रही है। परिवहन विभाग की टीम की तरफ से ऐसे वाहनों को भी जब्त किया जा रहा है।
जागरुकता से संख्या में होगी और बढ़ोतरी
अधिकृत स्क्रैपर यश अरोड़ा ने बताया कि जनवरी में करीब 60 वाहनों को उन्होंने स्क्रैप में तब्दील कर दिया गया है। इनमें सभी को एक दूसरे से अलग करने के बाद नियमों के तहत स्क्रैप किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले कुछ दिनों में इसके परिणाम सामने दिखने लगेंगे।
हालांकि अभी भी कुछ निजी स्क्रैपर की तरफ से नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे वाहनों को स्क्रैप करने का उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो रही है। जैसे जैसे लोगों में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण और अधिकृत एजेंसियों से वाहनों को स्क्रैप करवाने के प्रति जागरुकता बढ़ने के साथ-साथ कारोबार में और बढ़ोतरी होगी।
वाहनों को अगर रेट्रो फिट भी करवाना है तो इसके लिए स्क्रैपर से डी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट(प्रदूषण रहित प्रमाण पत्र)जारी करने के बाद ही इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित किया जा सकेगा।
वाहनों के दोबारा इस्तेमाल की नहीं सताएगी चिंता, मिलेगी नए वाहनों पर छूट भी
स्क्रैप कारोबारियों के मुताबिक औसतन एक स्क्रैपर हर महीने करीब 60 वाहनों को स्क्रैप करते हैं। इनमें दोपहिया वाहनों की संख्या 70-80 फीसदी है। वाहनों के होने वाले प्रदूषण पर लगाम कसने से लोग अब वाहनों को स्क्रैप करवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
सभी जब्त वाहनों के साथ साथ कुछ लोग खुद भी अपने वाहनों को स्क्रैप करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। अधिकृत स्क्रैपर, किसी भी वाहन को स्क्रैप करने के बाद वाहन मालिक को एंड ऑफ लाइफ सर्टिफिकेट जारी करता है। इससे वाहन मालिकों को डर नहीं होता है कि अब उनके वाहन का दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
साथ ही वाहनों को स्क्रैप करने के बाद कबाड़ बन चुके वाहन(15 साल पुराने पेट्रोल, 10 साल पुराने डीजल) वाहनों के बदले निश्चित राशि भी दी जाती है। सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों के तहत आने वाले कुछ महीनों में सर्टिफिकेट का फायदा इंसेटिव के तौर पर भी नए वाहनों की खरीद पर छूट का भी प्रावधान है।