मानसून का इंतजार कर रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों का इंतजार आज खत्म हो सकता है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी करते हुए अगले छह दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। बंगाल की खाड़ी से चलकर आने वाली नम हवाएं दिल्ली-एनसीआर में पहुंच गई हैं। उम्मीद है कि दक्षिण पश्चिम मानसून दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के शेष भागों को भी कवर करेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी हवाओं की स्थिति मानसून आगमन को लेकर साथ दे रही हैं। अगले 24 घंटों में मानसून उत्तर-पश्चिमी भारत में रफ्तार पकड़ेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से नीचले स्तर पर चलने वाली पूर्वी दिशाएं दिल्ली, हरियाणा व पूर्वी राजस्थान तक पहुंच गई हैं। अगले 48 घंटों में दक्षिण- पश्चिम मानसून देश के शेष इलाकों को भी कवर कर लेगा।
प्रादेशिक मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से चार अधिक 39.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक अधिक 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 77 फीसदी व न्यूनतम 46 फीसदी रहा।
मौसम विभाग ने शनिवार को दिल्ली में मानसून पहुंचने की संभावना जताई थी, लेकिन बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को मायूसी हाथ लगी। दिनभर सूरज व बादलों के बीच लुकाछीपी का खेल चलता रहा, लेकिन बारिश नहीं हुई। दिनभर तेज धूप के कारण लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। दिल्ली के कुछ इलाकों में तापमान 40 से भी अधिक दर्ज हुआ है। इस कड़ी में जफरपुर में 40.4, मुंगेशपुर में 40, नजफगढ़ में 40.7 व पूसा में 40.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा।
साफ श्रेणी में रही दिल्ली-एनसीआर की हवा
मानसून आगमन से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा साफ श्रेणी में पहुंच गई है। सबसे साफ हवा 84 एक्यूआइ के साथ ग्रेटर नोएडा की रिकॉर्ड हुई है। अगले 24 घंटों में भी इसमें अधिक बदलाव की संभावना नहीं है, बल्कि बारिश होने पर हवा और भी साफ होगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 97, फरीदाबाद का 104, गाजियाबाद का 92, ग्रेटर नोएडा का 84, गुरुग्राम का 96 व नोएडा का 94 एक्यूआइ रहेगा।
सफर इंडिया के मुताबिक, अभी हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिम की ओर बनी हुई है। अगले 24 घंटों में बारिश होने की स्थिति में वायु गुणवत्ता में सुधार बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में हवा में पीएम 10 का स्तर 101 व पीएम 2.5 का स्तर 42 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा।