पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने 2012 से 2020 के बीच बिना नक्शा पास कराए बनाए गए छोटे मकानों को भी बिजली, पानी का कनेक्शन लेने के लिए नागरिकों को एनओसी देने का निर्णय लिया है। निगम के इस निर्णय से पूर्वी दिल्ली के करीब 18 हजार संपत्तियों को अभयदान मिलेगा।
अगले साल होने वाले दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले तीनों निगम लोक लुभावने प्रस्ताव पास कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को पूर्वी निगम ने सदन की बैठक में %अवैध निर्माण सरलीकृत अभयदान% प्रस्ताव पास किया। पूर्वी निगम के नेता सदन सत्यपाल सिंह ने सदन के सम्मुख प्रस्ताव रखा कि 31 मार्च 2021 से पहले बने ऐसे भवन जो बगैर नक्शे के बने हैं, उन्हें 6 महीने के भीतर एनओसी जारी की जाय ताकि वह बिजली पानी का कनेक्शन ले पाएं।
उनके प्रस्ताव पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। नेता विपक्ष मनोज त्यानी ने सत्ता पक्ष पर सवाल खड़ा किया कि यह प्रस्ताव आज क्यों आया। उन्होंने भाजपा के पार्षदों पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। उनके आरोप के बाद सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। लेकिन बीजेपी पार्षदों का संख्याबल अधिक होने के नाते यह प्रस्ताव शोरशराबे के बीच ही पास हो गया।
निगम आयुक्त के आदेश से अब इस प्रस्ताव का नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है। निगम के इस निर्णय से नागरिकों को फायदा पहुंचेगा और निगम को भी राजस्व का फायदा होगा।
18 हजार संपत्तियों को होगा फायदा
उपमहापौर निर्मल जैन ने बताया कि इस निर्णय से यमुनापार की करीब 18 हजार संपत्तियों को अभयदान मिलेगा, जिन्हें नक्शा पास नहीं होने के कारण अवैध घोषित कर दिया गया था। उन्होंने निगम आयुक्त से सिफारिश की कि जबतक ऐसी संपत्तियों को एनओसी न मिल जाए तबतक किसी को सील न किया जाय।
भ्रष्टाचार 80 फीसदी समाप्त होगा
पूर्वी निगम के महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया कि निगम के सभी 64 वार्डों में अवैध निर्माण हुआ है। विपक्ष के नेता मनोज त्यागी से कहा कि किसी एक वार्ड में भ्रष्टाचार होने की बात करना उचित नहीं है। लेकिन निगम के इस निर्णय से भवन विभाग की मिलीभगत से हो रह 80 फीसदी भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा।