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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी : चुनाव नतीजों के बाद अब कुर्सी के लिए सियासत 

Fri, 27 Aug 2021 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत शरण, नई दिल्ली

सार

  • बहुमत हासिल करने में जुटा है सरना गुट, 20 सीट का दावा पेश
  • जागो, अकाली लहर और निर्दलीय का समर्थन मिलने की भी बात
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कुर्सी के दावेदार... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव परिणाम में बेशक शिरोमणि अकाली दल (बादल गुट) ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है, लेकिन विरोधियों के तेवर खेला होबे...वाले दिख रहे हैं। अंदरखाने जोड़-तोड़कर कुर्सी पाने के सियासी दांव अपनाए जा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना गुट) ने सहयोगियों का समर्थन लेकर 20 सीट का दावा किया है। यह भी कहा है कि विरोधी अंतरात्मा की आवाज सुनें। शिअद में स्वागत किया जाएगा। एक तरह से दल-बदल का भी न्योता दिया है।

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गुरुद्वारा चुनाव में मनजिंदर सिंह सिरसा का चुनाव नहीं जीतना और उन्हें ही फिर से प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने की कवायद की वजह से सिख सियासत गरमाई हुई है। सरना गुट ने भले ही 14 सीटें पर जीत हासिल की है, लेकिन परमजीत सिंह सरना ने दावा किया है कि उनके समर्थन में जागो पार्टी के 3 सदस्य, अकाली लहर का एक और निर्दलीय एक सदस्य का समर्थन मिला है। उनके पास बादल गुट को छोड़ सभी समर्थन है। इस गणित के अनुसार आंकड़ा 19-20 पहुंचता है।

सरना ने गुरुद्वारा चुनाव के नियमों के आधार पर बताया कि कुछ सदस्यों को को-आप्सन के जरिए चुना जाता है। इसमें सरना ने 2-3 सीटें पाने का दावा किया है। इसके बाद संख्या 22-23 पहुंच जाएगा। इस तरह से सरना गुट को महज 5-6 सदस्यों को और जुटाना है। गुरुद्वारा चुनाव के जानकारों की मानें तो इसमें दल-बदल कानून लागू नहीं होता है। लिहाजा, खरीद-फरोख्त आसानी से की जाती है। सरना गुट बादल गुट में सेंध लगा सकता है। इसका संकेत सरना दे भी रहे हैं। हालांकि, बादल गुट के पास पूर्ण बहुमत है। सेंध के आसार कम हैं।
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अध्यक्ष पद के लिए होता है गुप्त मतदान
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष पद के लिए अगर दो प्रत्याशी खड़े होते हैं तो इसमें गुप्त मतदान का प्रावधान है। अगर अंदरखाने गुप्त मतदान के दौरान बादल गुट के कुछ सदस्यों ने पाला बदला तो फिर नतीजा कुछ भी हो सकता है।

दोबारा मतगणना का प्रावधान
गुरुद्वारा चुनावी प्रक्रिया में यह भी प्रावधान है कि अगर एक प्रतिशत से कम मार्जिन से कोई प्रत्याशी जीत जाता है तो उस वार्ड के लिए दोबारा मतगणना होगी। परमजीत सिंह सरना का कहना है कि दो-तीन उम्मीदवार ऐसे हैं, जो एक प्रतिशत से भी कम अंतर से हारे हैं। इन पर दोबारा वोट गिनने की प्रक्रिया का प्रावधान है। इसके लिए वह कोर्ट का सहारा लेंगे।

55 में से 46 सदस्य चुनकर आते हैं
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में कुल 55 सदस्य होते हैं। इसमें 46 सदस्य संगत द्वारा चुनकर पहुंचते हैं। इसके अलावा श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री पटना साहिब, तख्त श्री केशगढ़ साहिब व तख्त श्री हुजूर साहिब के जत्थेदार भी डीएसजीएमसी के सदस्य होते हैं। हालांकि, तख्त के सदस्यों को मतदान करने का अधिकार नहीं होता है। इसके अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का एक प्रतिनिधि भी इसका सदस्य होता है। साथ ही दिल्ली की सिंह सभाओं के प्रधानों में से दो को प्रबंधक कमेटी का सदस्य बनाया जाता है। इनका चयन लॉटरी के जरिए होता है। साथ ही चुने गए प्रतिनिधि भी दो सदस्य चुनते हैं। 16 सदस्य मिलकर एक सदस्य को चुनते हैं। चार वर्ष के अंतराल पर चुनाव होता है।

सिरसा को प्रधान नहीं बनने देंगे
प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा को शिअदद के हरविंदर सिंह सरना से मात मिली है। सिरसा के दोबारा प्रधान बनने की बात की जा रही है। पंजाबी बाग की जनता ने सिरसा के भ्रष्टाचार के खिलाफ मतदान किया है। संगत ने सिरसा को नकारा है। अब कमेटी में भी जीतने नहीं देंगे। डीएसजीएमसी को भ्रष्टाचार मुक्त करवाना लक्ष्य है। सभी पंथ के साथियों और सदस्यों का स्वागत करते हैं। जागो पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान मंजीत सिंह जीके भी साथ हैं।
- परमजीत सिंह सरना, शिरोमणी अकाली दल दिल्ली के प्रधान

हारे हुए को अध्यक्ष नामित करना उचित नहीं
जिसे बहुमत मिला है उसी पार्टी को सरकार बनानी चाहिए। हालांकि, जिस तरह की राजनीति चल रही है उससे गड़बड़ी के संकेत मिल रहे हैं। बिना चुनाव जीते किसी को अध्यक्ष पद के लिए नामित करना उचित नहीं है। चुने हुए सदस्यों को अपना अध्यक्ष चुनने का मौका मिलना चाहिए। धार्मिक संस्थान में ऐसा नहीं होना चाहिए। देखना होगा कि सिंह सभाओं के सदस्य कौन सा रुख करते हैं और गुप्त मतदान में कौन किसके पक्ष में जाता है। एक प्रतिशत से कम मार्जिन से जीतने वाले सदस्यों के वार्ड में दोबारा मतगणना कराने की जो बात है, इसके लिए अदालत में याचिका डालनी होगी। क्योंकि, सभी सदस्यों को जीत का सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका है।
- इंदर मोहन सिंह, गुरुद्वारा चुनाव मामलों के जानकार

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शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की

 दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रबंधकीय सुधारों के लिए सुझाव देने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में शिक्षा के विशेषज्ञ व कमेटी के सदस्यों को शामिल किया गया है। शिरोमणी अकाली दल के मनजिंदर सिंह सिरसा व हरमीत सिंह कालका ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह कमेटी तीन सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। सिफारिशों पर विचार करके शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाये जाएंगे।

दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि संगत द्वारा अकाली दल को दिए गए समर्थन के लिए नतमस्तक होते हैं और आस्वथ्य करते है कि जो भी वादे किए हैं उन सभी को पूरा किया जाएगा। क्योंकि चुनाव समाप्त होने के सारर ही कामकाज शुरू कर दिया गया है। सबसे बड़े प्रोजेक्ट बाला साहिब अस्पताल शुरु करने का है जिसके लिए अदालत में व गुरुद्वारा चुनाव आयोग के पास याचिका दायर करेंगे। चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद अब अस्पताल शुरु करने की अनुमति दी जाए। 

सरना गुट खरीद-फरोख्त के लिए जोर लगा रही है:सिरसा
मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह दावा किया है कि सरना गुट खरीद-फरोख्त के लिए जोर लगा रही है। सरना बंधुओं को कहा कि उनका खरीद फरोख्त का समय अब समाप्त हो गया है। शिरोमणि अकाली दल के वफादार सिपाहियों के रूप में चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार संगत की सेवा में जुट गए हैं। 
सिरसा ने यह बताया कि सरना टीम के 14 विजयी उम्मीदवारों में से आधे के करीब उम्मीदवारों ने स्वंय कहा है कि हम संगत के लिए किए गए कार्यों के लिए गुरुद्वारा प्रबंधन के साथ सहयोग करेंगे। सोशल मीडिया का जमाना है दलबदल संभव नहीं है। चुने हुए सदस्य सिख कौम की सेना है। सदस्य सिख कौम के सिपाही है जो जीत कर आए है। 

सत्ता में आने का सपना सरना बंधू छोड़ दे:कालका
शिरोमणी अकाली दल के हरमीत सिंह कालका ने कहा कि सरना गुट द्वारा चाहे अकाली दल के सदस्यों की खरीद फरोख्त के लिए लाख कोशिशें कर ले। लेकिन उनका सपना साकार नहीं होगा। विजयी उम्मीदवार अकाली दल के वफादार सिपाही हैं जो पार्टी के साथ दिन रात डटे हुए थे, हैं और सदैव रहेंगे। दिल्ली के सिखों ने अगले चार साल तक मैनडेट दिया है। इस मैनडेट के तहत जल्द ही हॉस्पीटल बाला साहिब, गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल को प्रायरिटी में रख कर काम किया जाएगा। कमेटी की रिपोर्ट पंद्रह दिन में तैयार कर ली जाएगी। देश और दुनिया के अंदर असंभव को संभव कराने के लिए युवाओं की टीम को सिख संगत ने चुना है। 

शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सिरसा को अपना प्रतिनिधि घोषित किया
शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मनजिंदर सिंह सिरसा को अपना प्रतिनिधि घोषित कर दिया है। इससे सिरसा का दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है। उल्लेखनीय है कि बादल गुट के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को ही दिल्ली पहुंचकर सिरसा के अध्यक्ष बनने का ऐलान कर दिए थे। उल्लेखनीय है कि शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य के लिए प्रतिनिधि घोषित करने का अधिकार है।
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