इस दौरान यूरोप, साइबेरिया, मध्य एशिया और चीन से आने वाले पक्षियों की संख्या को पार्कों में दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों ने अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईसीयूएन) की सूची में दर्ज फेरुजिनस पोचार्ड (मालक हंस) से लेकर ब्लैक ईगल (काली चील) की उपस्थिति भी दर्ज की है।
बिग बर्ड डे के अवसर पर रविवार को दिल्ली के सातों जैव विविधता पार्कों में दो घंटे में प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की गणना की गई। इस दौरान यूरोप, साइबेरिया, मध्य एशिया और चीन से आने वाले पक्षियों की संख्या को पार्कों में दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों ने अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईसीयूएन) की सूची में दर्ज फेरुजिनस पोचार्ड (मालक हंस) से लेकर ब्लैक ईगल (काली चील) की उपस्थिति भी दर्ज की है।
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दिल्ली के सातों जैव विविधता पार्कों में छात्र और वैज्ञानिकों को पक्षियों की गिनती के लिए अलग-अलग समूह में विभाजित किया गया। समूहों को पक्षियों की गिनती करने के लिए दो घंटे का समय दिया गया था। इस दौरान पार्कों में पाए गए विभिन्न पक्षियों में मार्श हैरियर, फेरूजिनस पोचार्ड और ग्रे बुशचेट प्रमुख रहे।
यमुना जैव विविधता पार्क के इंचार्ज व वैज्ञानिक डॉ. फैयाज ने बताया कि ये पक्षी आमतौर पर सर्दी में ही दिल्ली का रुख करते हैं। इनमें मालक हंस को भी देखा गया है, जो इस समय विलुप्ती की कगार पर है। पक्षियों की गिनती के दौरान अरावली जैव विविधता पार्क में ईस्टर्न आर्फियन वार्बलर और ब्लैक ईगल को भी देखा गया है। तुगलकाबाद जैव विविधता पार्क में बैल्क हेडेड आईबीस की उपस्थिति दर्ज हुई है। वहीं, कमला नेहरू रिज में इंडियन स्पॉटेड ईगल भी देखा गया है।