गर्लफ्रेंड की हत्या की साजिश रचने वाला आरोपी
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जिस गर्लफ्रेंड की हत्या के प्रयास में एक युवक जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद उस गर्लफ्रेंड की हत्या की साजिश रच रहा था। पैरोल की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी वह अपनी गर्लफ्रेंड की तलाश में जुटा था, लेकिन इससे पहले कि वह अपने मकसद में कामयाब हो पाता पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कैदी की पहचान उत्तम नगर निवासी महमान सिंह के रूप में हुई है। द्वारका जिला की वाहन चोरी निरोधक शाखा को सूचना मिली कि एक बदमाश पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या की साजिश रच रहा है। पुलिस ने बदमाश की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि महमान सिंह वर्ष 2007 में अपनी गर्लफ्रेंड पर चाकू से वारकर उसकी हत्या करने की कोशिश की थी। पुलिस ने इस मामले में उसे गिरफ्तार किया था। महमान ने पुलिस को बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड उसकी प्रॉपर्टी पर कब्जा करना चाहती थी। लेकिन अदालत में सुनवाई के बाद वर्ष 2012 में महमान सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तब से वह जेल में सजा काट रहा था।
पिछले साल वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था। उसके बाद से वह अपनी गर्लफ्रेंड की तलाश में था ताकि उसकी हत्या कर सके। आठ सितंबर को मुखबिर से पुलिस को इस बात की जानकारी मिली और एसीपी ऑपरेशन विजय सिंह के देखरेख में पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।