बिंदापुर में रविवार रात रोडरेज की एक घटना में बाइक चालक ने अपने साथियों के साथ एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। हमले में मृतक का भाई भी घायल हो गया। पुलिस ने सोमवार सुबह मुख्य आरोपी समेत तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि मृतक की शिनाख्त मूलत: गोरखपुर निवासी सूरज प्रकाश सिंह (30) के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीयूष शर्मा उर्फ काके (19), संदीप शर्मा (31) और शिव नारायण (32) के रूप में हुई है। सभी बिंदापुर और उत्तम नगर के रहने वाले हैं। रात 12 बजकर 52 मिनट पर दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल से पुलिस को दो भाइयों के चाकू मारे जाने की जानकारी मिली। पुलिस अस्पताल पहुंची, जहां सूरज प्रकाश बयान देने की स्थिति में नहीं था।
उसके भाई चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि वह बिंदापुर के प्रताप गार्डन इलाके में रहता है। दोनों भाई पैदल घर जा रहे थे। इसी दौरान पीयूष शर्मा तेज रफ्तार से बाइक चलाते हुए उनके पास निकाला। सूरज ने ठीक से बाइक चलाने की नसीहत दी। इससे गुस्से में आकर पीयूष झगड़ा करने लगा। उसने फोन कर अपने साथियों को भी बुला लिया और दोनों भाइयों के साथ मारपीट करने लगे। एक युवक ने चाकू से दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। पुलिस ने दोनोें को अस्पताल पहुंचाया, जहां तड़के करीब पौने पांच बजे सूरज प्रकाश ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था लेकिन बाद में इसमें हत्या की धारा जोड़ दी।
नन्हीं एंजल-पाखी अभी भी पापा का कर रही हैं इंतजार
बाइक ठीक तरह से चलाने के लिए कहने पर बदमाशों ने बेगुनाह सूरज की हत्या कर दी। रोड रेज की इस घटना से आसपास की कॉलोनियों के लोग भी दहशतजदा हैं। डेढ़ वर्षीय एंजल और तीन साल की पाखी को अपने पापा के लौटने का इंतजार है।
जुटी भीड़, लेकिन भाई को बचाने के लिए नहीं बढ़ा कोई आगे
सूरज के छोटे भाई चंदन ने बताया कि आरोपियों से पहले न तो बातचीत होती थी और न ही कोई रंजिश। महज बाइक ठीक से चलाने के लिए कहने पर बाइक सवार आरोपी ने अपने दोस्तों को बुला लिया। उनके गुस्से को देखकर चंदन वहां से भाग गया जबकि सूरज वहीं बदमाशों के बीच फंस गया। हालांकि कुछ दूर जाने के बाद छोटा भाई घटनास्थल पर पहुंचा तो देखा कि सूरज, वहीं तड़प रहा है। आरोपियों ने चाकू से सूरज को मौत के घाट उतार दिया। छोटे भाई को अभी भी इस बात का मलाल है कि न तो किसी ने उसके भाई को बचाने के लिए आगे आया और न ही किसी ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की।