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दिल्ली में शराब की किल्लत : कमी के चलते सरकार ने जारी किए निर्देश

Fri, 24 Sep 2021 06:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा  अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पंसंदीदा शराब न मिलने से लोग परेशान। 30 सितंबर तक सभी निजी शराब केंद्रों को बंद करने का निर्देश।
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demo pic... - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली में शराब की किल्लत होनी शुरू हो गई है। शराब के ठेके से अब लोग पसंदीदा शराब नहीं मिलने से मायूस होकर लौटने लगे है। इस बीच दिल्ली आबकारी विभाग ने सरकारी शराब के केंद्रों को शराब की कमी नहीं होने देने का निर्देश दिया है। कहा है कि सरकारी दुकानों पर स्टॉक कम नहीं होने दे और ना ही ज्यादा भीड़ एकत्रित होने दे। 

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नई आबकारी नीति के तहत 30 सितंबर से दिल्ली में प्राइवेट दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। निजी तौर पर चलने वाली करीब 260 शराब की दुकानें 30 सितंबर को बंद हो जाएंगी। इसे देखते हुए अभी से ही प्राइवेट दुकानें जल्दबाजी में शराब का स्टॉक खत्म करने में जुटी है। इस वजह से सरकारी शराब केंद्रों पर जहां भीड़ जुटने लगी है वहीं शराब के स्टॉक करने से किल्लत भी हो रही है। 

दिल्ली के 850 सरकारी शराब की दुकानों में 16 नवंबर तक शराब की बिक्री जारी रहेगी। इसके बाद 17 नवंबर से प्राइवेट शराब के दुकानदार नई आबकारी नीति के साथ बाजार में उतरेंगे। इस आदेश के बाद उपभोक्ताओं ने भी अपनी पसंदीदा शराब को स्टॉक करना शुरू कर दिया है। शराब की दुकानों से खाली हाथ लौटने वालों का कहना है कि व्हिस्की, वोदका, रम समेत कई ब्रांड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।उधर शराब बिक्री काउंटर पर स्टाफ यह भी कह रहे है कि दुकान मालिक ने कहा है कि जितना जल्दी संभव हो स्टॉक को खत्म कर दे। क्योंकि अब दुकान बंद होने वाला है। लिहाजा बीयर की ही बिक्री की जा रही है। यह भी बताया कि निजी दुकानों को बंद करने के निर्णय की वजह से नया स्टॉक भी इस महीने नहीं मंगाया गया है। 
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आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकारी दुकानों से खुदरा बिक्री को मजबूत कर शराब की किल्लत नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे है। डेढ़ महीने का ट्रांजिशन फेज है। इस दौरान नई आबकारी नीति के साथ शराब की दुकानें खुलेंगी। 16 नवंबर तक शराब की दुकान चलाने वाली सरकारी एजेंसियों को मांग के अनुसार स्टॉक बनाए रखने के लिए कहा गया है।

उधर, शराब केंद्रों पर कार्यरत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले बीरेंद्र कुमार जाटव ने कहा है कि सरकार की नई नीति से 5000 नौकरियां भी दांव पर लग गई है। दिल्ली के चार निगमो कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लग गया है। वर्तमान शराब की सरकारी दुकानों को समाप्त करने के साजिश की गई है। केवल बड़े शराब के व्यापारी ही अब दुकान खोल सकेंगे। जाटव ने कहा कि जल्दबाजी में दुकान बंद किया जा रहा है तो शराब की किल्लत होना स्वभाविक है। 

दिल्ली लिकर ट्रेडर्स एसोसिएशन का कहना है कि कई इलाकों में निजी शराब की दुकानों ने स्टॉक बेचने के बाद पहले ही दुकान बंद कर दी है।इससे कमी होना तय है। सरकारी दुकानें मांग को पूरा नहीं कर सकती हैं क्योंकि वे भी बंद होने की प्रक्रिया में हैं। 
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