कोरोना महामारी की घातक दूसरी लहर ने पिछले साल की दिल्ली में कहर बरपाया था। इस दौरान कई लोगों की मौत हुई। अस्पतालों और डॉक्टरों पर उनकी क्षमता से अधिक बोझ डाला।
हालांकि, जब लोगों ने सोचा कि हमने अपने सबसे खराब स्थिति को पीछे छोड़ दिया है, तो इस बीच तीसरी लहर का डर सामने आ गया है। कोरोना के मामले में लगातार वृद्धि ने तीसरी लहर की स्थिति पैदा कर दी है। साथ ही कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में अब तक ओमिक्रॉन के 1,400 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 454 ओमाइक्रोन मामले दर्ज किए गए हैं, इसके बाद दिल्ली (351), केरल (118) और गुजरात (115) का स्थान है।
एक जनवरी को दैनिक संक्रमण दर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई
उधर, कोरोना आंकड़ों पर गौर करें तो 27 दिसंबर से एक जनवरी के बीच दैनिक संक्रमण दर 0.68 से बढ़कर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई है। करीब तीन फीसदी का इजाफा हुआ है, यानी इन छह दिन में ही नए संक्रमित मरीजों की संख्या अब तीन फीसदी अधिक मिलने लगी है। बीते 27 दिसंबर को दिल्ली में 0.68 फीसदी संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जब 331 नए मामले सामने आए थे। इसके बाद 28 दिसंबर को यह संक्रमण दर 0.89 फीसदी हुई, लेकिन अगले ही दिन यह 1.29 फीसदी तक पहुंच गई। 30 दिसंबर को 1.73 और 31 दिसंबर को यह 2.44 फीसदी रही, लेकिन एक जनवरी को यह दैनिक संक्रमण दर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई है।
फिर से समीक्षा करेगी सरकार, तब लगेंगे प्रतिबंध
शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राजधानी में कोविड संबंधी नए प्रतिबंध लगाने से पहले स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही आगे के निर्णय होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि के बावजूद अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या फिलहाल कम है। ऐसे में सिर्फ संक्रमण दर के आधार पर ही फैसला नहीं लिया जा सकता। बीते बुधवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने यह निर्णय लिया था कि दिल्ली में 'येलो अलर्ट' के तहत लगे प्रतिबंध अभी लागू रहेंगे और अधिकारी नए प्रतिबंध लगाने के संबंध में स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। स्कूल और मल्टीप्लेक्स समेत अन्य बंद कर दिए हैं। दिल्ली में दूसरी लहर के दौरान अप्रैल और मई में बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, लेकिन अब भर्ती संख्या कम है। आगे के प्रतिबंधों की समीक्षा होगी।