वामपंथी छात्र संगठन आइसा का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को निशाना बना रहा है। जो भी छात्र जेएनयू प्रशासन के खिलाफ अपनी बात रखते हैं, उन्हें नोटिस जारी हो जाता है।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ और वामपंथी छात्र संगठन आइसा का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन महीने में विभिन्न मामलों में छात्रों को 500 नोटिस जारी किये गए हैं। इसमें से केंद्रीय लाइब्रेरी खोलने की मांग करने के मुद्दे पर 25 छात्रों को नोटिस मिला है। छात्रसंघ ने इन 25 छात्रों के नोटिस को वापस लेने की मांग भी रखी है।
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वामपंथी छात्र संगठन आइसा का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को निशाना बना रहा है। जो भी छात्र जेएनयू प्रशासन के खिलाफ अपनी बात रखते हैं, उन्हें नोटिस जारी हो जाता है। कोरोना के चलते पिछले डेढ़ साल से बंद विश्वविद्यालय कैंपस सभी छात्रों के लिए खोलने, केंद्रीय लाइब्रेरी खोलने, हॉस्टल में खाने की व्यवस्था में सुधार, हॉस्टल उपलब्ध करवाने, टीकाकरण आदि की मांग करने वाले छात्रों को बदले की भावना के तहत यह सभी नोटिस मिले हैं।
लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई करने पर नोटिस
आइसा सदस्यों का आरोप है कि छात्रों ने लाइब्रेरी और रीडिंग रूम खोलने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ छात्रों ने लाइब्रेरी के अंदर जाकर पढ़ाई भी की थी। इनमें से 24 छात्रों को लाइब्रेरी में पढ़ाई करने का नोटिस जारी हुआ है। हमारा यह सवाल है कि क्या लाइब्रेरी के अंदर पढ़ाई करना गलत है? इसीलिए हम मांग कर रहे हैं कि इन सभी 24 छात्रों का नोटिस वापस लिया जाए।