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बच्ची की दुष्कर्म व हत्या का मामला: अपराध शाखा को सौंपी जांच, पोटेंसी टेस्ट के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेगी पुलिस

Wed, 04 Aug 2021 10:26 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कथित नाबालिग दुष्कर्म और हत्या के मामले को जांच के लिए अपराध शाखा को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। जिसके बाद जिला डीसीपी इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जिले की डीआईयू से लेकर अपराध शाखा को सौंप दी गई है।
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राकेश अस्थाना, दिल्ली पुलिस आयुक्त - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दिल्ली कैंट के पुरानी नांगल गांव के श्मशान घाट में नौ वर्ष की बच्ची की कथित हत्या व दुष्कर्म के मामले में राजनीतिक माहौल दिन पर दिन गरमाता जा रहा है। दिल्ली पुलिस पोटेंसी टेस्ट (सेक्स करने में समर्थ है या नहीं) के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेगी। 
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साथ ही पोलियोग्राफी टेस्ट समेत दूसरी चिकित्सकीय जांच भी कराई जाएगी। इसके लिए पुलिस बृहस्पतिवार को कोर्ट में अर्जी लगाएगी। वहीं, दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कथित नाबालिग दुष्कर्म और हत्या के मामले को जांच के लिए अपराध शाखा को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। जिसके बाद मामले की जांच जिले की डीआईयू से लेकर अपराध शाखा को सौंप दी गई है। वहीं, पुलिस को बुधवार को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कुछ भी पता नहीं चला है। परिजनों ने बुधवार को भी बच्ची के शव (जलने से बचे अंगे) लेने से इनकार कर दिया। 

उधर, पुराना नांगल गांव में पीड़ित का परिवार स्थानीय लोगों के साथ इंसाफ की मांग करते हुए सड़क पर है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, वामपंथी नेता वृंदा करात समेत दूसरे कई नेता मौके पर पहुंचे। 
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इस दौरान सभी नेताओं को प्रदर्शनकारियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। हालांकि, मृतका के परिवार से मिलकर नेताओं ने इंसाफ दिलाने का वायदा किया। केजरीवाल ने पीड़ितों को दस लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
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दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को पूछताछ व पोटेंसी टेस्ट के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को कोर्ट में अर्जी लगाई जाएगी। पुलिस को चारों आरोपी बृहस्पतिवार को ही पुलिस रिमांड पर मिल सकते है। जिला डीसीपी इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जिले की डीआईयू से लेकर अपराध शाखा को सौंप दी गई है।

दूसरी तरफ परिजनों ने बुधवार को बच्ची का शव (अंतिम संस्कार में जलने से बचे शरीर के अंग) लेने से इनकार कर दिया। पुलिस शव को लेने के लिए परिजनों से लगातार बात कर रही है। सागरपुर थानाध्यक्ष ने डीडीयू अस्पताल जाकर अस्पताल प्रशासन को शव को परिजनों द्वारा न लेने की जानकारी दी और कहा शव को मोर्चरी में रखने के लिए कहा। कहा जा रहा है कि परिजन बृहस्पतिवार को बच्ची के शव को ले सकते हैं। 

पोस्टमार्टम से कुछ भी पता नहीं लगा
डीसीपी इंगित प्रताप ता कहना है कि बच्ची के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम किया गया था। पुलिस को बुधवार को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्ची की कथित हत्या व दुष्कर्म के बारे में कुछ भी खुलासा नहीं हुआ है। उनका कहना है कि ऐसे में आरोपियों का पोलियोग्राफी टेस्ट करवाया जाएगा। इससे पुलिस को जांच में एक दिशा मिल सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पुलिस के पास बच्ची के बिना जले गर्दन का कुछ हिस्सा व पैर हैं। 

संस्कार की पर्ची पर बच्ची के पिता के हस्ताक्षर हैं
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अंतिम संस्कार पर बच्ची के पिता के हस्ताक्षर हैं। हस्ताक्षर को देखने से ऐसा नहीं लग रहा है कि वह जल्दबाजी में किए गए हैं। पुलिस ने अंतिम संस्कार की पर्ची को कब्जे में ले लिया है। 

 
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60 दिन में चार्जशीट फाइल कर देंगे
जिला डीसीपी इंगित प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस इस मामले में 60 दिन के भीतर जल्द से जल्द चार्जशीट फाइल करेंगे। वैज्ञानिक सबूत भी जुटाए गए। कूलर की फोरेंसिक जांच करा ली है। मुख्य आरोपी के घर से साक्ष्य और आरोपी के शरीर से सभी बायोलॉजिकल सबूत इकट्ठे किए हैं। इनमें आरोपियों के कपड़े, अंडरगारमेंट, बेडशीट व पीड़ित लड़की के डीएनए से जुड़ा साक्ष्य शामिल हैं।

मामले में ऐसे हंगामा खड़ा होता चला गया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्ची की मौत साढ़े पांच बजे के आसपास हुई है। शाम करीब सात बजे बच्ची के शव का अंतिम संस्कार किया गया है। परिजन दस बजे तक श्मशान व घर रहे है। परिजनों ने रात को जब कुछ गांव वालों को बात बताई तब जाकर हंगामा होना शुरू हुआ। रात करीब 10.15 बजे पुलिस को कॉल की गई। 10.30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची थी। 

पुलिस जब श्मशान घाट पहुंची तो चिता को बुझाया जा चुका था। बच्ची की गर्दन व पैर जलने से बचे थे।  बच्ची की मां के एक एनजीओ के सामने बयान लिए गए। उसी हिसाब से एफआईआर में धाराएं जोड़ी गईं। बच्ची की मां के अगले दिन कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवाए गए। 
इसके बाद एससी/एसटी कमीशन घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद एफआईआर में कुछ और धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस ने चारों आरोपी पुजारी राधेश्याम, सलीम, लक्ष्मीनारायण, कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। 
 
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