इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पुलिस ने फर्जी वीजा देकर लोगों को विदेश भेजने वाले तीन एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चार युवकों से लाखों रुपये लेकर उन्हें आर्मीनिया भेज दिया था। जहां जांच में फर्जी वीजा पाए जाने पर उन्हें वापस भेज दिया गया था। एजेंटों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने पिछले साल से लेकर अब तक 99 एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है।
एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त विक्रम के. पोरवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी महबूब खान, गुरुग्राम निवासी महेश कुमार और ओखला निवासी सैफ बारी के रूप में हुई है। 25 अगस्त की रात मुजफ्फरनगर निवासी वसीम, मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद तनवीर और सलमान आर्मीनिया से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे।
जांच में इमीग्रेशन के अधिकारियों ने पाया कि चारों यात्री 24 अगस्त को दिल्ली से आर्मीनिया गए थे। लेकिन उनके पास फर्जी वीजा पाए जाने पर उन्हें वहां से वापस दिल्ली भेज दिया गया था। फर्जीवाड़ा कर विदेश जाने यात्रियों के खिलाफ इमीग्रेशन विभाग ने एयरपोर्ट थाना पुलिस को शिकायत की। शिकायत पर पुलिस ने फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर चारों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में एक यात्री ने बताया कि उन लोगों ने सैफ नाम के एजेंट से वीजा लिया था। इसके लिए उन लोगों ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिए थे। पुलिस ने ओखला निवासी सैफ को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गुरुग्राम से महेश कुमार और महबूब को गिरफ्तार कर लिया।