जश्न ए चिरागां के दौरान रंग बिरंगे दीये और लड़ियों से रोशन की गई दरगाह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
धनतेरस के दिन हजरत निजामुद्दीन औलिया की मजार पर हिंदू-मुस्लिम ने मिलकर चिराग रोशन किए। दरगाह पर 721 दीये जलाए गए और रोशनी के बीच दुआएं मांगी गईं। रंग बिरंगी लड़ियों से मजार को सजाया गया। शाम को दुआ ए चरागां की रस्म हुई। ये जश्न दिवाली तक चलेगा, सूफी कव्वालियां हो रहीं हैं। दरगाह के चारों ओर रंग बिरंगे दीये यहां की रौनक में चार चांद लगा रहे हैं।
हजरत निजामुद्दीन औलिया के 721वें उर्स के मौके पर यहां मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से जश्न ए चरागां का आयोजन किया गया। इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ये कौमी एकता कायम रखने का सबसे बेहतर तरीका है। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों के साथ राष्ट्रहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। मंच के पदाधिकारी मोहम्मद फैज खान ने कहा कि देश दुनिया में अमन चैन, भाईचारा और तरक्की के लिए दरबार पर धनतेरस के दिन दीये जलाए गए।
हिंदू-मुस्लिम सौहार्द का प्रतीक है जश्न ए चरागां
दरगाह शरीफ पर हाजिरी लगाने आईं साबिस्ता ने बताया कि हर साल धनतेरस से दिवाली तक दरगाह शरीफ पर दीये रोशन किए जाते हैं, इस खुशी के मौके को जश्न ए चरागां के रूप में मनाया जाता है। मुस्लिमों से ज्यादा हिंदू भाई-बहन दरगाह शरीफ पर आकर चिराग रोशन करते हैं। मुस्लिम भाई-बहन इस खुशी में शामिल होकर उन्हें दिवाली की मुबारकबाद देते हैं। यहां के पदाधिकारियों के मुताबिक, यह आयोजन दरगाह की ओर से नहीं होता। हिंदू-मुस्लिम साथ आकर यहां दीये जलाते हैं और स्थानीय लोग इनकी मदद करते हैं। दरगाह शरीफ पर शाम को दुआ ए रोशनी का आयोजन होता है। हजरत निजामुद्दीन औलिया की मजार शरीफ पर दीयों की रोशनी के बीच दुआएं मांगी जाती हैं। मो शाबरीन ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस दुआ में शामिल हर अकीदतमंद की बरकत होती है।