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डीयू: हिंदू कॉलेज ने कीटाणु रहित मशीन के साथ शुरू किया पहला स्टार्टअप, 13 हजार रुपये है कीमत

Mon, 14 Mar 2022 04:51 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

मशीन को तैयार करने वाले कॉलेज के सहायक प्रोफेसर ललित कुमार ने कहा कि मशीन को माइक्रोवेव की तरह डिजाइन किया गया है, जिसमें यूवीसी (पराबैंगनी-सी) ट्यूब हैं, जो वस्तुओं को कीटाणु रहित करती हैं।
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हिंदू कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदू कॉलेज ने कीटाणुरहित मशीन के साथ अपना नए स्टार्टअप की उड़ान भरी है। कॉलेज ने ऐसी मशीन बनाई है, जो कई प्रकार की वस्तुओं को कीटाणु रहित कर सकती है। साथ ही मशीन को 50 लीटर की क्षमता के साथ 13 हजार रुपये के दाम में बाजार में उतार दिया गया है। मशीन पर आठ महीने पहले काम शुरू हुआ था, जिसके आधार पर कॉलेज ने अपने पहले स्टार्ट-अप का नाम लोनुवा इनोवेशन दिया है।

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मशीन को तैयार करने वाले कॉलेज के सहायक प्रोफेसर ललित कुमार ने कहा कि मशीन को माइक्रोवेव की तरह डिजाइन किया गया है, जिसमें यूवीसी (पराबैंगनी-सी) ट्यूब हैं, जो वस्तुओं को कीटाणु रहित करती हैं। उन्होंने बताया कि मशीन के अंदर कोई भी वस्तु रखी जा सकती है। ऐसे में यह मशीन घर, ऑफिस, अस्पताल व किराना स्टोर आदि के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। मशीन के माध्यम से करेंसी नोट, ऑफिस की फाइलें, किराने का सामान, फल, सब्जियां, चश्मा, मास्क, स्वास्थ्य उत्पाद, एटीएम कार्ड, पार्सल, बच्चों के खिलौने और अन्य सामान एक मिनट के भीतर कीटाणु रहित किया जा सकता है। हालांकि, कपड़ों को मशीन के अंदर नहीं रखा जा सकता। क्योंकि, मशीन को किसी वस्तु को कीटाणुरहित करने के लिए सतह को पूरी तरह खाली रहना जरूरी है। कपड़ों को कीटाणु रहित करने के लिए एक बड़ी मशीन की आवश्यकता होगी।

सरकारी स्कूल के छात्रों ने दिया खूबसूरत रूप
मशीन को दिल्ली सरकार के स्कूल के दो छात्राओं द्वारा शानदार रूप दिया गया है। उन्होंने इसे चित्रित किया है। दोनों लड़कियों ने बिजनेस ब्लास्टर्स की पहल के तहत मशीन को पेंट किया था। सभी मशीनों को चित्रित करने का काम दोनों छात्राओं ने ही किया है। कुमार के मुताबिक, एक अन्य वायु कीटाणुनाशक पर काम हो रहा है, जो हवा को कीटाणुरहित करने के साथ-साथ हवा को शुद्ध करेगा।
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कोरोना महामारी के दौरान आया विचार  
प्रोफेसर कुमार ने कहा कि मशीन को विकसित करने का विचार कोरोना महामारी के दौरान आया था। उन्होंने कहा कि मशीन कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग की प्रोफेसर व प्राचार्य अंजू श्रीवास्तव, प्रोफेसर रीना जैन और आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र उपदेश वर्मा के सहयोग से तैयार की गई। उनका दावा है कि मशीन एक मिनट के भीतर 99.9 फीसदी कीटाणुओं को निष्क्रिय करने में सक्षम है। मशीन वायरस और कीटाणु के आरएनए और डीएनए को नष्ट करके काम करती है। मशीन को श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च द्वारा प्रमाणित किया गया है। वहीं, सुरक्षा सुविधाओं को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के लेजर साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिवीजन द्वारा रिकॉर्ड किया गया है।

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