दिल्ली हाईकोर्ट ने बालिग युवती की रजामंदी से शादी करने वाले युवक के पिता व भाई को राजधानी से गिरफ्तार करने और करीब दो महोने से कैद में रखने के मामले में यूपी की शामली पुलिस से हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि दो लोग जो यूपी में न्यायिक अभिरक्षा में हैं, उन्हें कैसे गिरफ्तार किया? दिल्ली आने और कार्रवाई की सूचना दिल्ली पुलिस को दी थी क्या? लड़की से बात करने के लिए क्या किया? बृहस्पतिवार तक लड़की का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराने को भी कहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिन्हें गिरफ्तार किया गया, वे चाहे तो यूपी पुलिस पर अवैध हिरासत में रखने के लिए कर सकते हैं।
कोर्ट खुद भी कार्रवाई करेगा। यह किसी को भी अपनी मनमर्जी से गिरफ्तार नहीं कर सकती। सुनवाई 18 नवंबर को होगा। एसएचओ को फिर से हाजिर रहने को कहा गया है। पीड़ित लड़के व लड़की ने याचिका में बताया कि वे बालिग है और जुलाई में मर्जी से शादी की है। लड़की का परिवार राजी नहीं है, उन्हें धमकाता है। लड़के के पिता व भाई को यूपी पुलिस पकड़ कर ले गई है। वे कहां हैं, उन्हें नहीं पता।
दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि लड़की की मां ने बेटी के अपहरण व जबरन शादी की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। इस पर यूपी पुलिस ने 8 सितंबर को लड़के के परिजनों को गिरफ्तार किया। उसने दिल्ली आने व कारवाई करने की कोई जानकारी स्थानीय पुलिस थाने में नहीं दी थी।
ये यूपी नहीं, रोना-धोना यहां नहीं चलेगा
हाईकोर्ट ने लड़के को धमकाने के लिए शिकायत करने पर लड़की की मां को भी फटकार लगाई। उसके रोने धोने पर कहा कि यह यूपी में चलता होगा यहां नहीं चलेगा। रोने धोने का यहां कोई असर नहीं होगा।