हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के बीच राजधानी में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया सहित अन्य मच्छर व जल जनित बीमारियों के फैलने के खतरे को देखते हुए चिंता व्यक्त की है। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार, तीनों नगर निगम, नई दिल्ली पालिका परिषद व दिल्ली छावनी परिषद से मानसून के मद्देनजर इन बीमारियों पर नियंत्रण को लेकर उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने सभी पक्षों को अभी तक उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहते हुए सुनवाई 16 सितंबर के लिए स्थगित कर दी है। पीठ ने यह दिशानिर्देश स्वत संज्ञान ले कर दिए हैं।
तीनों नगर निगमों ने पीठ को बताया कि वे मच्छरों के संक्रमण को नियंत्रित करने और मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी जल व मच्छरजनित बीमारियों को रोकने के लिए समुचित कदम उठा रहे हैं। इसके लिए मच्छरों के लार्वा की जांच के अलावा कीटनाशकों के छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा लोगों को इन बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
अदालत ने 24 मई डेंगू चिकनगुनिया फैलने की संभावना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई शुरू की थी। अदालत ने कहा था कि कोरोना के महामारी के चलते डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को लेकर सरकार और निगम व संबंधित अधिकारियों के कदम पीछे हट गए हैं।
हम सभी मच्छरों की समस्या देख रहे हैं। ऐसे में इससे होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण जरूरी है। पीठ ने कहा था कि यदि लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया या कुछ और बीमारी हो जाती है और उन्हें कोरोना महामारी के समय में अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होगी तो यह समस्या विकट हो जाएगी।