6 सितंबर को खालिद ने अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी और अभियोजन पक्ष द्वारा तकनीतिक आधार पर आपत्ति जताने पर खालिद ने नई याचिका दायर की थी। इससे पहले खालिद ने अदालत को बताया था कि मामले में आरोप पत्र में बिना किसी तथ्यात्मक आधार के अतिशयोक्तिपूर्ण आरोप लगाए गए हैं।
अदालत ने दिल्ली दंगों की साजिश मामले में आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई 9 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष जमानत आवेदन पर सुनवाई तय थी लेकिन संबंधित जज के अवकाश पर होने के चलते सुनवाई स्थगित कर दी गई है। खालिद के साथ कई अन्य पर मामले में आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर फरवरी 2020 की हिंसा का 'मास्टरमाइंड' होने का आरोप है, जिसमें 53 लोग मारे गए थे।
6 सितंबर को खालिद ने अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी और अभियोजन पक्ष द्वारा तकनीतिक आधार पर आपत्ति जताने पर खालिद ने नई याचिका दायर की थी।
इससे पहले खालिद ने अदालत को बताया था कि मामले में आरोप पत्र में बिना किसी तथ्यात्मक आधार के अतिशयोक्तिपूर्ण आरोप लगाए गए हैं और यह एक वेब श्रृंखला और समाचार चैनलों की स्क्रिप्ट की तरह है। दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि जमानत याचिका में कोई योग्यता नहीं है और यह मामले में दायर आरोप पत्र का हवाला देकर अदालत के समक्ष उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला साबित करेगी।