चड्ढा ने कहा कि दिल्ली वालों का संघर्ष सफल हो गया है। दिल्ली के हक का पानी रोकने के मामले में हरियाणा सरकार के असली चेहरे का पर्दाफाश हुआ है। चड्ढा ने हरियाणा से दिल्ली पानी पहुंचने पर वजीराबाद बैराज का निरीक्षण भी किया।
हरियाणा से 16 हजार क्यूसेक पानी शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गया है। इससे दिल्ली को जल संकट से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। इस पर दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा।
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चड्ढा ने कहा कि दिल्ली वालों का संघर्ष सफल हो गया है। दिल्ली के हक का पानी रोकने के मामले में हरियाणा सरकार के असली चेहरे का पर्दाफाश हुआ है। चड्ढा ने हरियाणा से दिल्ली पानी पहुंचने पर वजीराबाद बैराज का निरीक्षण भी किया।
राघव चड्ढा ने हरियाणा से पानी मिलने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आखिरकार हरियाणा सरकार से दिल्ली वालों के हक का पानी ले ही लिया है। दरअसल हरियाणा के पानी रोकने पर नदी में पानी का स्तर बहुत कम हो गया था और दिल्ली वालों का गला भी सूख गया था।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए हरियाणा सरकार 120 एमजीडी पानी प्रतिदिन दिल्ली को नहीं दे रहा थी। इस कारण पानी प्लांटों की क्षमता 40 से 50 फीसदी तक कम होती जा रही थी। चंद्रवाल जल शोधक संयंत्र की 90 एमजीडी से घटकर 55 एमजीडी, वजीराबाद जल शोधक संयंत्र की 135 एमजीडी के घटकर 80 एमजीडी और ओखला जल शोधक संयंत्र की 20 एमजीडी से घटकर 12 एमजीडी क्षमता रह गई थी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा से पानी के आने के बाद अब दिल्ली जल बोर्ड के सभी संयंत्र अधिकतम क्षमता के साथ काम करेंगे और बोर्ड रिकॉर्ड पानी का उत्पादन करेगा एवं घरों तक साफ पानी पहुंचाएंगा। यमुना नदी के माध्यम से हरियाणा से 16 हजार क्यूसेक पानी दिल्ली पहुंचने में तीन दिन लगे हैं। इसके बाद एक बार फिर यमुना नदी का स्तर 674.5 फुट तक पहुंच गया है। हरियाणा से पूरा पानी आना बंद होने पर नदी में पानी का स्तर साढ़े सात फुट नीचे गिरकर 667 फुट पर आ गया था।