ग्रेटर नोएडा (दादरी) स्थित मिहिर भोज कॉलेज कैंपस में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के शिलापट्ट पर गुर्जर शब्द पर काला पेंट करने का विवाद दिल्ली तक पहुंच गया है। रविवार को शास्त्री पार्क स्थित श्याम गिरी बाबा आश्रम में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश से हजारों लोगों ने गुर्जर स्वाभिमान पंचायत का आयोजन किया। फैसला लिया गया कि देश में गुर्जरों के सभी गांवों में सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति स्थापित की जाएगी।
अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा द्वारा आयोजित पंचायत में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा वर्ग के लोग शामिल हुए। वह लोग सम्राट मिहिर भोज से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों के साथ यहां पहुंच थे। महासभा के राष्ट्रीय संस्थापक नरेन्द्र डेढ़ा गुर्जर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 22 सितंबर को गुर्जरों के स्वाभिमान को चोट पहुंचाई गई। गुर्जरों के इतिहास को मिटाने की कोशिश की गई है। जब तक मुख्यमंत्री गलती नहीं मानेंगे तो देशभर में इसी तरह की पंचायत की जाती रहेगी।
मुख्यमंत्री का करेंगे बहिष्कार
अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा के अध्यक्ष अनुराग गुर्जर ने कहा कि अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ का बहिष्कार किया जाएगा। गौतम बुद्ध नगर के गांव जलालपुर से पंचायत में आए मोहित नागर ने बताया कि दादरी की घटना के बाद 26 सितंबर को चिथेड़ा गांव में महापंचायत की गई थी। इस पर पुलिस ने 151 लोगों पर केस दर्ज कर दिया है। उन्होंने यूपी सरकार से मांग की है कि लोगों पर दर्ज किए गए यह केस हटाए जाएं। दो दिन से गायब चल रहे जिलाध्यक्ष श्याम सिंह भाटी को कानूनी तरीके से कोर्ट में पेश करने की भी मांग की गई।
राजौर और कड़वाहा शिलालेख में गुर्जरों का प्रमाण
मोहित नागर ने बताया कि इतिहासकारों ने साम्राज्य भोगी गुर्जरों के इतिहास को लिखा है। एपिग्राफिया इंडिका में इतिहासकारों ने लिखा है कि विक्रम संवत-1016 में राजोर शिलालेख पर लिखा है कि महाराजा माथनदेव ने अपनी मां की स्मृति में भगवान महादेव का मंदिर बनवाया था। तब उन्होंने अपनी जाति गुर्जर और गोत्र प्रतिहार बताया था। इसी प्रकार से कड़वाहा शिलालेख महाराजा हरिराज का है। उन्होंने किसी मठ में मंत्रोच्चार के समय अपनी जाति गुर्जर और गोत्र प्रतिहार बताया है।
महिपालदेव सबसे बड़े सम्राट बने
स्वाभिमान पंचायत में गुर्जर इतिहास से जुड़े कई तथ्य बताए गए। अनुराग गुर्जर ने बताया कि एक कन्नड़ भाषा के राजकवि राजशेखर ने सम्राट महिपालदेव की जाति गुर्जर बताई है। कवि ने यह भी कहा है कि महिपालदेव केवल गुजरात के नहीं, काबुल समेत संपूर्ण आर्यावर्त के सम्राट थे। इसी तरह से राजस्थान में गुर्जरों से जुड़ी प्रचलित अनेक कहानियों के विषय में यहां पर चर्चा हुई। जानकारी दी गई कि गुर्जर अपने गुरुओं को गौड़ ब्राह्मण कहते हैं, जबकि गुर्जर गांवों में नाई को ठाकुर कहकर संबोधित किया जाता है। इस तरह गुर्जर समाज और इतिहास से जुड़ी कई जानकारियां महापंचायत में पेश की गईं।