राजधानी के स्कूलों में शुक्रवार से सभी कक्षाओं के लिए नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया। कोरोना संक्रमण के कारण करीब दो साल बाद बच्चे हंसते-मुस्कुराते हुए स्कूलों में पहुंचे। किसी को नया दोस्त मिला, तो कोई नई कक्षा में पहुंचकर उत्साहित था। कई बच्चों ने कोरोना के कारण अपनी अच्छी और बुरी यादों को भी एक-दूसरे से साझा किया।
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ऐसा लगा कि मानों बच्चे अपने दोस्तों से मिलकर दो साल की तकलीफ भूल गए। वहीं, कई निजी स्कूल 4 अप्रैल से खुलेंगे। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल खुल गए हैं। सत्र के पहले दिन बच्चों की उपस्थिति औसत रही। स्कूल संचालक उम्मीद जता रहे हैं कि सोमवार से बच्चों की संख्या बढ़ जाएगी।
बच्चों को पहले दिन अपनी नई कक्षाओं में जाने और दोस्तों से मिलने की खुशी रही। कोरोना महामारी के कारण करीब दो साल तक स्कूल बंद रहे हैं। जब खुले तो पढ़ाई ऑफलाइन व ऑनलाइन मोड में जारी थी, लेकिन अब नए सत्र में पूरी तरह से ऑफलाइन ही पढ़ाई कराई जाएगी। लंबे समय बाद ऑफलाइन मोड में पढ़ाई के कारण सत्र के पहले दिन बच्चों ने अपने दोस्तों के संग खूब मस्ती की।
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पहले दिन से ही पढ़ाई शुरू
कक्षाओं के पहले दिन बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने व लेने के लिए पहुंचे। नए सत्र के लिए पुस्तकों व वर्दी खरीदने की प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो जाने के कारण पहले दिन से ही स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई। डीएवी स्कूल के प्रिंसिपल रमाकांत तिवारी ने बताया कि सत्र के पहले दिन करीब एक चौथाई बच्चे स्कूल पहुंचे। वह दोस्तों से मिलकर व स्कूल का वातावरण देखकर काफी खुश थे।
कई जगह आज ओरिएंटेशन प्रोग्राम
विद्या बाल भवन स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. सतबीर शर्मा ने बताया कि वे 4 अप्रैल से स्कूल खोलेंगे। कक्षाएं शुरू करने से पहले शनिवार को छात्रों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करेंगे, जहां शिक्षक छात्रों के साथ संवाद कर उन्हें टाइम टेबल व कक्षा की जानकारी देंगे। माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने बताया कि 4 अप्रैल से स्कूल खोला जाएगा। इससे पहले अभिभावकों का ओरिएंटेशन कराया जा रहा है। उन्हें सोमवार से स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।