नई दिल्ली। पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के खिलाफ शुक्रवार को जामा मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद किए गए प्रदर्शन के मामले में मध्य जिला पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। प्रदर्शनकारी पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा व नवीन जिंदल की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। करीब 15 से 20 मिनट तक किए गए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हालात संभालते हुए लोगों को वहां से हटा दिया था। शनिवार को पुलिस ने इस संबंध में सरकारी आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। धारा 188 (लोकसेवक के आदेश की अवज्ञा) के मामले में प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति के विरोध-प्रदर्शन किया गया था। पुलिस का कहना कि कुछ लोगों की पहचान की गई है। सूत्रों का कहना है कि मामले में और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। छानबीन जारी है।
मध्य जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद किए गए प्रदर्शन के मामले में अभी किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम सामने नहीं आया है। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी इस मामले से पलड़ा झाड़ लिया था। उनका कहना था कि उन्हें नहीं पता कि किसने और किसके कहने पर प्रदर्शन किया गया। इससे पहले पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि शुक्रवार को करीब 1500 लोग जामा मस्जिद में नमाज पढ़ने आए थे। नमाज खत्म हुई तो करीब 300 लोग बाहर गेट नंबर-1 की ओर आकर प्रदर्शन करने लगे। अमूमन जामा मस्जिद के बाहर पुलिस बल तैनात रहता ही है। शुक्रवार को एहतियात के तौर पर और भी जवानों की तैनाती की गई थी। प्रदर्शन के फौरन बाद हालात पर काबू कर लोगों को वहां से हटा दिया।