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दिल्ली: फर्जी वेबसाइट से देशभर के 10 हजार लोगों से 25 करोड़ से अधिक की ठगी, पांच गिरफ्तार

Tue, 17 Aug 2021 11:20 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

फर्जी वेबसाइट बनाकर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और ब्रांडेड कपड़े ऑनलाइन बेचने के नाम पर ठगी करते थे आरोपी। उन्होंने 60 से अधिक फर्जी वेबसाइट बनाई हुई थी।
 
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विस्तार
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देशभर के 10 हजार से अधिक लोगों से 25 करोड़ की ऑनलाइन ठगी करने के आरोप में पुलिस ने पांच हाईटेक ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना विजय आरोड़ा (37), मनमीत सिंह (29), राजकुमार (30) प्रदीप कुमार (32) और अवतार सिंह (32) के रूप में हुई है। 
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आरोपी पिछले तीन सालों के दौरान 60 से अधिक फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। गैंग बेहद कम दामों में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और ब्रांडेड कपड़े देने का झांसा देता था। अपने खातों में कैश ट्रांसफर करवाने के बाद आरोपी सामान नहीं भेजते थे। 

बहुत दबाव बनाने पर बेहद घटिया क्वालिटी का सामान भेज दिया जाता था। ज्यादा से ज्यादा लोग इनके झांसे में आएं इसके लिए गैंग का बेहद हाईटेक सदस्य सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ) के जरिये फर्जी वेबसाइट को सर्च लिस्ट में सबसे ऊपर रखता था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
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साइबर क्राइम यूनिट के पुलिस उपायुक्त अनेश रॉय ने बताया कि पिछले दिनों इनके पास कई लोगों ने ऑन लाइन ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि इन लोगों ने एक वेबसाइट पर टैब बुक किया गया था। टैबलेट के लिए 3699 या कुछ मामलों में 3999 रुपये लिये गए। ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद भी पीड़ितों को उनका सामान नहीं मिला। 

ऐसी दर्जनों शिकायतें पुलिस के पास आने लगी। पुलिस ने शिकायतें मिलने के बाद जांच की तो पता चला कि वेबसाइट को ठगी करने के लिए ही बनाया गया है। मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। जांच के लिए इंस्पेक्टर विजेंद्र यादव और एसआई अजीत व अन्यों की टीम ने जांच शुरू की। 

सामान बुक करने के दौरान जिन लोगों से पीड़ितों ने संपर्क किया था। पुलिस ने उन नंबरों के अलावा जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए। उनकी जांच की। छानबीन के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी विजय अरोड़ा की पहचान कर ली। पुलिस ने उसके ऑफिस पश्चिम विहार में छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया। उसके दफ्तर से भारी मात्रा में सामान भी बरामद हुआ।

आरोपी विजय से पूछताछ के बाद मनमीत, राजकुमार, प्रदीप कुमार और अवतार सविंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से भारी मात्रा में ठगी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सामान व दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी विजय अरोड़ा ने बताया कि वह इस पूरी ठगी का मास्टर माइंड है। 
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प्रदीप एसईओ के जरिये फर्ज वेबसाइट को सर्च करने के दौरान सबसे ऊपर दिखाने में मदद करता है। लोग जब इनसे खरीदारी करते हैं तो यह रुपये लेकर माल नहीं भेजते। कोई ज्यादा जोर देता है तो उसके पास बेहद घटिया क्वालिटी का माल भेज दिया जाता है।

ऐसे दिया जाता है वारदात को अंजाम
विजय अरोड़ा अपने साथ प्रदीप कुमार उर्फ साहिल व अन्यों की मदद से फर्जी वेबसाइट बनवा लिया लेता है। मार्केट में जो भी आइटम टेंडिंग होते हैं, वेबसाइट पर उनको सस्ता बेचने का झांसा दिया जाता है। इसके अलावा बेहद हाईटेक प्रदीप सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन की मदद से उसको सर्च करने पर सबसे ऊपर ला देता था। 

कोई भी गूगल या दूसरे ब्राउजर पर जब सामान खरीदने के लिए सर्च करते थे तो सबसे ऊपर इनकी ही फर्जी वेबसाइट दिखाई देती थी। लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे।

प्रदीप बी-टेक तो विजय ने की हुई है होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई
पुलिस की पूछताछ में आरोपी विजय ने बताया कि उसने मेरठ के कॉलेज से होटल मैनेजमेंट किया था। उसने लखनऊ के होटल में 10 माह काम किया। इसके बाद उसने खुद की कोरियर कंपनी खोल ली। वह ऑन लाइन सामान बुक करने वाली कंपनियों का सामान कोरियर से भेजने लगा। 

यहीं से उसे ठगी का आइडिया आया। उसने फर्जी वेबसाइट बनवाई और हेराफेरी शुरू कर दी। कर्नाटक से बी-टेक करने वाला प्रदीप ठगी का ऑन लाइन कम्पेन मैनेजर बन गया। वह फर्जी वेबसाइट बनाने के अलावा उनको सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन से सर्च करने पर सबसे ऊपर दिखाता था। बाकी तीनों आरोपी अवतार, राजकुमार और मनमीत विजय अरोड़ा को असिस्ट करते थे।
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