नई दिल्ली। आनंद विहार की जगतपुरी ट्रैफिक लाइट पर शुक्रवार रात बाल सुधार गृह में लूट के मामले में आरोपी किशोर की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। नाबालिग का शव सड़क पर रखकर लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान रास्ते से गुजर रहे वाहनों में तोड़फोड़ भी की। मामला संजीदा होने से बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कहासुनी और समझाने-बुझाने के बाद परिजनों को शांत करवाया जा सका। सड़क पर हुए हंगामे से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। इससे सड़क काफी देर तक जाम रहा।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग अपने परिवार के साथ न्यू संजय अमर कॉलोनी में रहता था। 11 फरवरी को दोस्तों के साथ मिलकर कड़कड़डूमा स्थित सीबीडी ग्राउंड के पास एक युवक का मोबाइल लूट लिया था। इस मामले में पुलिस ने नाबालिग को पकड़कर बाल सुधार गृह में भेज दिया। बीते शनिवार को नाबालिग की तबियत खराब हो गई। बाल सुधार गृह की तरफ से उसको आरएमएल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि नशा करने की वजह से उसकी किडनी खराब हो गई थी। इससे उसकी हालत बिगड़ती गई। पूरी कोशिश के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शुक्रवार को नाबालिग के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया, लेकिन नाबालिग की मौत से परिजन गुस्से में थे। शव मिलने के बाद उनका गुस्सा भड़क गया। रात में वह शव लेकर जगतपुरी ट्रैफिक लाइट पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि नाबालिग के साथ पुलिस ने ज्यादती की है। उसे बुरी तरह पीटा गया है। ज्यादा पिटाई होने से ही उसकी मौत हुई है। किडनी खराब होने की बात को परिजन पुलिस की झूठी कहानी करार दे रहे हैं। उधर, परिजनों के आरोपों को निराधार बताते हुए पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सब पता चल जाएगा।
सड़क पर लंबा जाम लगा
देर रात सड़क पर हंगामा होने पर पुलिस अलर्ट हो गई। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर भेज दिया गया। आला अधिकारी परिजनों को काफी देर तक समझाते रहे। किसी तरह उनको शांत किया जा सका। इससे सड़क पर लंबा जाम लगा। परिजनों के वापस लौटने के बाद आवाजाही सामान्य हो सकी।